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Jarkhand: रांची का बिरसा जू देश के टॉप-10 चिड़ियाघरों की सूची में नहीं बना पाया जगह, केंद्र ने जताई चिंता

Sat, 17 Sep 2022 05:35 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

राज्य के पूर्व वन्यजीव बोर्ड के सदस्य डीएस श्रीवास्तव ने बताया कि, बिरसा चिड़ियाघर में पशु और जानवरों की देखभाल ठीक से नहीं की जाती है। यहां केवल एक पशु चिकित्सक है।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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झारखंड के सबसे बड़े चिड़ियाघर भगवान बिरसा जैविक उद्यान में रखे गए जानवारों की देखरेख को लेकर केंद्र ने चिंता जाहिर की है। केंद्र की तरफ जारी की गई रैंकिंग सूची में बिरसा जैविक उद्यान शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल नहीं हो सका। रांची के ओरमांझी क्षेत्र में 104 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले, जैविक पार्क ने पहली प्रबंधन प्रभावी मूल्यांकन रिपोर्ट में देश के 23 मध्यम श्रेणी के चिड़ियाघरों में 17 वां स्थान हासिल किया। जबकि, राज्य के जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क और बोकारो के जवाहरलाल नेहरू बायोलॉजिकल पार्क को 11वां और 15वां स्थान मिला है।
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भगवान बिरसा जैविक उद्यान में जानवारों और पशुओं की देखभाल सही नहीं
राज्य के पूर्व वन्यजीव बोर्ड के सदस्य डीएस श्रीवास्तव ने बताया कि, बिरसा चिड़ियाघर में पशु और जानवरों की देखभाल ठीक से नहीं की जाती है। यहां केवल एक पशु चिकित्सक है। पशु चिकित्सक के छुट्टी पर जाने पर जानवरों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। श्रीवास्तव ने कहा कि चिड़ियाघर में मार्च के पहले सप्ताह से लगभग एक महीने में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस से चिड़ियाघर में सभी सात लोमड़ियों की मौत हो गई। रांची चिड़ियाघर में 83 प्रजातियों से समेत 1,450 जानवर हैं

रिपोर्ट में इन मुद्दों को भी उठाया गया
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में बिरसा चिड़ियाघर से संबंधित कई मुद्दों को भी उठाया गया है जैसे मास्टर प्लान की कमी, आपदा प्रबंधन योजना, स्वास्थ्य सलाहकार समिति, जानवरों के बंदी प्रजनन और परिदृश्य प्रबंधन शामिल है। बिरसा चिड़ियाघर के निदेशक जब्बार सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान या स्वास्थ्य सलाहकार समिति पर प्रक्रियात्मक देरी जैसी कुछ श्रेणियों में जैविक पार्क का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। लेकिन रिपोर्ट में जानवरों के स्वास्थ्य और उनकी देखभाल को लेकर कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं गई। उन्होंने कहा कि, चिड़ियाघर में मूल्यांकन के दौरान, मूल्यांकनकर्ताओं ने कहा कि यह जानवरों के स्वास्थ्य और रखरखाव के मामले में देश के सबसे अच्छे चिड़ियाघरों में से एक है। जमशेदपुर और बोकारो के चिड़ियाघरों को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें स्वच्छता में सुधार करते हुए अतिरिक्त धन और पर्याप्त कर्मचारी जुटाना चाहिए।
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केंद्र ने इनके मूल्यांकन के बाद सूची की तैयार
देश में 147 मान्यता प्राप्त चिड़ियाघर हैं जिन्हें बड़े (17), मध्यम (23), छोटे (33), मिनी (60) चिड़ियाघर और बचाव केंद्र (14) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस चरण में बड़े और मध्यम वर्ग के 39 चिड़ियाघरों का मूल्यांकन किया गया।
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