झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की विधायक कल्पना सोरेन ने बुधवार को केंद्र पर हमला बोला। उन्होंने केंद्र सरकार पर गरीब आदिवासियों के नाम पर खदानों और खनिजों को हड़प कर राज्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने सत्ता के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए भाजपा की आलोचना की और चेतावनी दी कि उन्हें राज्य से बाहर कर दिया जाएगा। सोरेन ने भाजपा को अपने एजेंडे का प्रचार के लिए दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को यहां लाने की चुनौती दी। इस दौरान उन्होंने हिमंत बिस्व सरमा और शिवराज सिंह चौहान के नाम का उल्लेख किया।
मैया सम्मान यात्रा के दौरान कल्पना सोरेन ने कहा, "केंद्र ने हमेशा झारखंड के साथ अन्याय किया है। उनकी नजर केवल राज्य की खनीजों और खदानों पर है। वह संसाधनों की जबरन वसूली में लगा हुआ है। कोयले के लिए उन पर हमारा 1.36 लाख करोड़ रुपये का बकाया है।" उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता राज्य में जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं, जबकि केंद्र की नजर खनिज संपदा पर है। झामुमो विधायक ने कहा, हम उन्हें करारा जवाब देंगे।
भाजपा पर लगाया सत्ता हथियाने की कोशिश का आरोप
कल्पना सोरेन ने दावा किया कि राज्य में चुनाव होने वाला है, इसलिए भाजपा के बहुरूपिए सत्ता हथियाने की कोशिश में यहां प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों को खदेड़ दिया जाएगा। झामुमो विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा दूसरे के काम पर अपना आधार बना रही है। उन्होंने भाजपा से अपने पति हेमंत सोरेन को चुनौती देने के लिए अधिक से अधिक नेताओं को लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वे हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को परेशान करने के लिए जितने संभव हो उतने नेता और सीएम लेकर आए। हमारी महिलाएं उनकी कवच हैं। बता दें कि राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।"
किसी भी नेता का नाम लिए बिना कल्पना सोरेन ने कहा कि ये लोग एक तरफ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं और दूसरी तरफ उनकी प्रतिमा को उखाड़ फेंकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को पांच महीने तक साजिश के तहत जेल में रखा गया था। बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था।