सीट पर 12.46 लाख मतदाता अपने मतदान का उपयोग करेंगे। यहां के मौजूदा सांसद भाजपा के रविंद्र पांडेय हैं। लेकिन भाजपा ने उनकी जगह यहां अपनी सहयोगी पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन के नेता चंद्रप्रकाश चौधरी को उतारा है। उनके सामने कांग्रेस - झामुमो गठबंधन ने जगरनाथ महतो को उतारा है। जगरनाथ महतो पिछली दफा भी चुनाव हारे थे लेकिन हार का अंतर केवल 40 हजार का था। इस बार उन्हें बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। कुर्मी और कोईरी समुदाय की बहुलता वाली इस सीट पर दोनों प्रमुख प्रत्याशी कुर्मी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
पूर्व सीएम कोड़ा की पत्नी का मुकाबला भाजपा के लक्ष्मण से
जनजातीय समुदाय की बहुलता वाली इस सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद लक्ष्मण गिलुआ का मुकाबला इस बार प्रदेश के पूर्व सीएम मधु कोड़ा की पत्नी गीता से है। यहां 2016 में प्रदेश सरकार द्वारा कृषि भूमि को गैर कृषि कार्यों का उपयोग करने बने कानून की वजह से सत्ता विरोधी लहर देखी जा रही है। हालांकि गिलुआ 2014 में भी गीता को एक लाख वोटों के अंतर से हरा चुके हैं।
दूसरे की पिच पर गुगली का सामना कर रहे कांग्रेस के आजाद
दो बार से धनबाद सांसद भाजपा के पशुपाति नाथ सिंह को तीसरी बार उतारा गया है। पिछली बार उन्हाेंने कांग्रेस के अजय दुबे को करीब ढाई लाख वोटों से हराया था। दूसरी ओर कांग्रेस ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आजाद को उतारकर और राहुल गांधी से रैली करवाते हुए भाजपा से पार पाने की कोशिश की है। लेकिन पार्टी की आपसी लड़ाई और कमजोर संगठन ने उनके लिए चुनौतियां खड़ी की हैं।
भाजपा के बिद्युत को कड़ी टक्कर दे रहे गठबंधन के चंपाई
पिछली बार यह सीट जीतने वाले भाजपा के बिद्युत वरन महतो के सामने सीट बचाने की चुनौती है। वहीं कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन के प्रत्याशी चंपाई सोरेन को रणनीतिक रूप से बढ़त मिली है। उन्हें गठबंधन के अलावा विभिन्न छोटे दलों का भी साथ मिला है, जो उनके वोटों की संख्या बढ़ा सकता है। कभी एक दूसरे के साथ काम करने वाले ये दोनों नेता राजनीतिक संघर्ष में आमने सामने हैं, जिसने चुनाव को रोचक बना दिया है।