झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक कल्पना सोरेन ने भाजपा को पीआईएल मास्टर गैंग बताया। उन्होंने झारखंड में सरकारी योजनाओं में बाधा डालने के लिए राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी (भाजपा) की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि झारखंड में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
भाजपा ने कथित तौर पर झारखंड मुख्यमंत्री मैय्यन सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) के खिलाफ जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की, जिसे लेकर कल्पना सोरेन ने प्रतिक्रिया दी। झामुमो विधायक ने कहा, "उन्होंने (भाजपा) मैय्यन सम्मान योजना के खिलाफ जनहित याचिका दायर की। जब भी कोई डोमिसाइल नीति पेश की जाती है तो वे ऐसा ही करते हैं। वे एक पीआईएल मास्टर गिरोह बन गए हैं जो झारखंड के लोगों के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हर पहल में बाधा डालते हैं।"
सीएम सोरेन ने रांची में 310 बिस्तरों वाली मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की नींव रखी
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची में 310 बिस्तरों वाली मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की नींव रखी। यह सुविधा रांची नगर निगम द्वारा अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड को मुफ्त में प्रदान की गई 2.75 एकड़ भूमि पर स्थापित की जाएगी। सीएम सोरेन ने बताया कि यह अस्पताल अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि झारखंड के लोगों को अब चिकित्सा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
यह अस्पताल गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) मरीजों को मुफ्त में या सरकारी योजनाओं के तहत इलाज प्रदान करेगा। सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य सेवा की बुनियादी ढांचों में विकास पर जोर दिया। इससे पहले सीएम सोरेन ने जमशेदपुर एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक नई इमारत का उद्घाटन किया। 376 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस इमारत के बनने के बाद अस्पताल में बेड की संख्या 500 से बढ़कर 700 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि रांची के इस्लाम नगर में 28.78 करोड़ रुपये की लागत से छह नए आवासीय टावरों का निर्माण किया गया है
इस मौके पर सीएम सोरेन ने पीएम आवास योजना के 291 लाभार्थियों को चाबियां भी सौंपी। गुमला जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री मैय्यन सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) के खिलाफ जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने के लिए भाजपा की निंदा की। सोरेन ने भाजपा पर आदिवासी समुदायों की मांगों को अनदेखा करने का भी आरोप लगाया।