मणिमहेश कैलाश पर्वत पर चढ़ने का दावा करने वाले झारख के एक युवक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल पुलिस उसके खिलाप मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है, वहीं युवक का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा है। युवक की इस हरकत से आहत शिवभक्तों ने युवक के खिलाफ शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
भरमौर के एसडीएम को सौंपी शिकायत
युवक के खिलाफ गदियाली महक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र पटियाल ने शुक्रवार को भरमौर (हिमाचल प्रदेश) के एसडीएम को शिकायत सौंपी है। इसकी प्रति उन्होंने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को भी कार्रवाई के लिए प्रेषित की है।
'युवक ने शिव भक्तों की आस्था पर किया प्रहार'
पटियाल का कहना है कि खुद को झारखंड का मिथुन पंडित बताने वाला युवक जिस झंडे के पास पहुंचा, वह स्थान धामघोड़ी के कमलकुंड के बीच एक रास्ता है। जहां से वह कुछ दूरी तक चढ़ा है। गदियाली महक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष का कहना है कि कैलाश पर्वत पर चढ़ने का दावा कर युवक हिंदू धर्म और शिव भक्तों की आस्था पर सीधा प्रहार कर रहा है।
हर साल परिक्रमा के लिए जाते हैं शिव भक्त
उनका कहना था कि यदि युवक शिव भक्त होता तो झंडे वाली जगह जूतों के साथ न बैठता और उस स्थान तक शिव भूमि सेवादल के शिवभक्त हर वर्ष यात्रा के दौरान परिक्रमा के लिए जाते हैं। यह कैलाश चोटी से बहुत नीचे है। कैलाश पर्वत पर चढ़ने का आज तक जिसने भी प्रयास किया, उसके साथ कुछ न कुछ अनहोनी हुई।
1965 और 1968 में इटली और जापान के दल ने भी कैलाश पर्वत को फतह करने की कोशिश की थी। लेकिन बर्फबारी और आंधी ने उनके कदम पीछे मोड़ दिए थे। इस दौरान दल में शामिल कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ी थी।
मान्यता है कि मणिमहेश कैलाश पर्वत पर शिव भक्तों को सुबह के पहर सूरज निकलने से कुछ समय पहले मणि के रूप में दर्शन होते हैं। यह भगवान शिव के गले में विराजमान सांप की मणि की चमक होती है। इसको लेकर और भी कई मान्यताएं हैं।
युवक का मोबाइल फोन स्विच ऑफ
वहीं भरमौर पुलिस थाना के अतिरिक्त प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि इस मामले की स्टडी की जा रही है। देखा जा रहा है कि एफआईआर कौन से मामले में दर्ज की जाए। अभी उक्त युवक का मोबाइल फोन नंबर स्विच ऑफ आ रहा है।