देश भर में लोग गर्मी से परेशान हैं। झारखंड में तो गर्मी और लू का प्रकोप जानलेवा साबित हो रहा है। यहां भीषण गर्मी से लोगों की मौत तक हो जा रही है। ताजा मामला हजारीबाग के चौपारण का है। यहां लू लगने से एक मैट्रिक परीक्षार्थी जमाली अख्तर की मौत हो गई। इस बीच, हजारीबाग जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों के तीन और परीक्षार्थी भी भीषण गर्मी के कारण बेहोश हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, जमाली अख्तर चतरा जिले के खरौनी गांव का रहने वाला था और उसका परीक्षा केंद्र चौपारण कॉलेज में था। शनिवार की शाम करीब साढ़े चार बजे छात्र जब सेंटर के दूसरे तल्ले पर कमरा नंबर दस में परीक्षा देकर नीचे उतरकर कॉलेज के बाहर खड़े ऑटो के पास पहुंचा तभी अचानक गिर गया। इस दौरान उसके साथ में खड़े अन्य छात्रों ने हल्ला मचा दिया। जिसके बाद आनन-फानन में छात्र को सामुदायिक अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद जमाली को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने भीषण गर्मी को मौत का कारण बताया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
बरही के अनुमंडल पुलिस अधिकारी नजीर अख्तर ने बताया कि मृतक जमाली अख्तर रमजान के पवित्र महीने के दौरान रोजा रख रहा था। एसडीपीओ ने कहा कि लड़के के माता-पिता ने पुलिस से पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया था, क्योंकि उन्हें किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं थी। इस पर पुलिस अधीक्षक मनोज रतन छोटे के निर्देश पर इस संबंध में हलफनामा देने के बाद पीड़िता के माता-पिता को शव सौंप दिया गया।
इस बीच, हजारीबाग जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों के तीन और परीक्षार्थी भी भीषण गर्मी के कारण बेहोश हो गए। इस घटना के बाद कई अभिभावकों ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की आलोचना की है कि परीक्षा गर्मी के चरम पर है और पारा 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। हजारीबाग की उपायुक्त नैंसी सहाय ने रविवार को जमाली अख्तर की मौत को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
यह देखते हुए कि परीक्षा कार्यक्रम को बदला नहीं जा सकता क्योंकि यह जेएसी द्वारा तय किया गया है, डीसी ने सभी उप-मंडल अधिकारियों, बीडीओ और परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों को परीक्षार्थियों को सनस्ट्रोक से बचाने के लिए दवा रखने जैसी पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया।