आतंक के जिस गढ़ में एक आतंकी के जनाजे में भटके युवाओं का सैलाब उमड़ता है, आज उसी आतंक के गढ़ दक्षिण कश्मीर में हजारों युवा देश में उभरते गेंदबाज रसिक सलाम की ओर आशा भरी निगाहों से ताक रहे हैं। उसे रोल मॉडल मान रहे हैं।
फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर उसके फॉलोअर और फैन बन रहे हैं। जाहिर है आतंक और आतंकी गतिविधि उन्हें पसंद नहीं। यहां के युवाओं की भावनाएं तात्कालिक हवाओं में बह जाती हैं।
दक्षिण कश्मीर का कुलगाम आतंक का गढ़ माना जाता है। लेकिन कुलगाम के गांव अश्मुजी गांव का रहने वाला 17 वर्षीय रसिक सलाम ने मुंबई के वानखेडे़ तक का सफर तय किया है।
उसने पत्थर नहीं गेंद को चुना। वह मुंबई की तरफ से इंडियन टी-20 लीग (IPL) खेल रहा है। (IPL) में डेब्यू करने के बाद रासिक सलाम राज्य के युवाओं का रोल मॉडल तो बन ही गए हैं, कश्मीर के युवा भी उन्हें रोल मॉडल मान रहे हैं।
रसिक की फैन फॉलोइंग पिछले चार दिनों में काफी बढ़ गई है। 24 मार्च से पहले सलाम के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फैन फॉलोइंग तीन अंक में थी, जो वर्तमान समय में चार अंकों (हजारों) में पहुंच गई है। इसमें सबसे अधिक ट्वीट, लाइक और कमेंट करने वाले कश्मीरी युवा हैं।