जम्मू। कॉलेज, विश्वविद्यालयों, आईआईटी आदि उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा शुरू की गई है। विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, डिग्री, डिप्लोमा या अन्य किसी प्रकार के दस्तावेज डिजिटल प्लेटफार्म से मिल सकेंगे। उन्हें संस्थानों में चक्कर काटने से छुटकारा मिलेगा। पहले की तरह दस्तावेजों के लिए ड्राफ्ट नहीं बनाना पड़ेगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव की ओर से जारी की गई अधिसूचना मेें सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित अन्य संस्थानों के निदेशकों को डिजिटल प्लेटफार्म शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार शिक्षा मंत्रालय ने विवि अनुदान आयोग को एकल डिपाजिटरी डिजिलॉकर के सहयोग से स्थायी योजना को निशुल्क लागू करने के लिए कहा है। शैक्षणिक संस्थान डिजिलॉकर एनएडी पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराएंगे। उसके बाद अपने संस्थान के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को उस पर अपलोड करेंगे।