श्रीनगर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के निवास पर आयोजित यूथ कंवेंशन में पहुंचे युवाओं ने रोष जताया है। उनका आरोप है कि उन्हें यहां धोखे से लाया गया है। हालांकि सीएम के सलाहकार ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं है।
कंवेंशन में पहुंचे कुछ युवाओं ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि यह एक सियासी जलसा है। उन्हें यहां कुछ और कहकर लाया गया था। कुछ युवाओं ने कहा कि हमने सोचा था कि वह अपनी मुश्किलों को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं था। रियाज-उल-हक ने कहा कि वह कांट्रैक्चुअल कर्मचारी है। वर्ष 2011 से काम कर रहे हैं। लेकिन उन्हें केवल 14 महीने का वेतन मिल पाया है, वह भी मात्र 2000 रुपये। बाकी वेतन नहीं मिला है। वह अपनी फरयाद मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए पहुंचा था, लेकिन ऐसा नहीं करने दिया गया।
दानिश अशरफ ने बताया कि हमें बताया गया था कि आपको वहां खेलकूद का सामान मिलेगा, जिसके लिए उन्हें पहले 30-30 रुपये लेकर फार्म दिए गए थे। हमें यह नहीं पता था कि यह पीडीपी का जलसा था। इस संबंध में पीडीपी के यूथ अध्यक्ष वहीद-उर-रहमान पर्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन लगातार बंद रहा। इसके बाद मुख्यमंत्री के सलाहकार सुहेल बुखारी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें ऐसी किसी बात का ज्ञान नहीं है।