वर्ष 2014 में जम्मू यूनिवर्सिटी ने तीन बड़ी उपलब्धियां बटोरीं। एक ओर जहां फरवरी में पांच दिवसीय साइंस कांग्रेस हुआ, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे। पहली सितंबर को विशेष दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके बाद चौदह नवंबर को दूसरा दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें राज्य के राज्यपाल एनएन वोहरा मुख्य अतिथि रहे।
जेयू में वर्ष शुरआत में फरवरी में ही उस समय के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह का आगमन फलदायी साबित हुआ। पांच दिवसीय साइंस कांग्रेस में उनके संबोधन से रियासत के विद्यार्थियों व शोधार्थियों को ज्ञान विज्ञान के बारे में जानकारी मिली।
प्रधानमंत्री विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन के दौरान विज्ञान के लिए नौ हजार करोड़ की नई योजनाओं की घोषणा की थी। उन्होंने शिक्षण के क्षेत्र को और सम्मानीय बनाने के लिए भी अलग से नेशनल मिशन शुरू करने की बात की थी। जबकि एड्स, कैंसर के उपचार की पद्धति पेटेंट न होने पर बल तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिया था।
पहली सितंबर को यूनिवर्सिटी का चौदहवां दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उच्च शिक्षा की बदहाली पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि नई खोजों के चालक विश्वविद्यालयों को बनना चाहिए। उन्होंने 39 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया था।