भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में सिविल सोसाइटी के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल को आतंकी हमले की आशंका के चलते पुलिस ने शनिवार को पुलवामा जिले में प्रवेश करने की अनुमति प्रदान नहीं की। इसके साथ ही उन्हें श्रीनगर से बाहर कहीं भी न जाने की सलाह दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती से मिलने की फिलहाल प्रशासन ने कोई अनुमति नहीं दी है। ज्ञात हो कि यह टीम 22 से 25 नवंबर तक घाटी के दौरे पर है।
सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार की रात को एसएसपी सिक्योरिटी की ओर से उन्हें पत्र भेजा गया कि स्थिति अनुकूल नहीं है। आतंकी हमले की आशंका है। इस वजह से वहां न जाएं। उन्होंने बताया कि तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों से मिलने की भी अनुमति मांगी है, लेकिन अब तक प्रशासन का कोई जवाब नहीं मिला है। अलबता उन्होंने डॉ. फारूक अब्दुल्ला व मोहम्मद युसूफ तारिगामी से फोन पर उनका कुशलक्षेम पूछा है। शाम को उन्होंने एएनसी के नेता मुजफ्फर शाह से मुलाकात की। जाने माने शिक्षाविद् विजय धर के घर पर रात्रि भोज किया।
वजाहत चुपके से निकल लोगों से मिले
पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त और कन्सर्न्ड सिटीजन ग्रुप के सदस्य वजाहत हबीबुल्लाह चुपके से होटल से निकल गए। वे लाल चौक तथा आस-पास के इलाकों में लोगों से मिले। एक होटल में सिविल सोसायटी के सदस्यों से घाटी के हालात पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों की समस्याओं को जानने के लिए कई लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी समस्याओं और मुद्दों से अवगत कराया।