पाक सीमा की ओर से की गई गोलीबारी में बुधवार को सीमा सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया और तीन जवान घायल हो गए। जवान अपनी निगरानी में सीमा के पास के गांव में धान की रोपाई करा रहे थे।
गोलीबारी में चार ग्रामीण भी घायल हो गए। फिलहाल घायलों का जम्मू मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है। घायलों जवानों ने पाक की नापाक हरकतों की कहानी अमर उजाला से साझा की। पढ़िए, पाक की गोलीबारी का आंखों देखा हाल-
पाक की ओर से अचानक बरसीं गोलियां
बुधवार को जम्मू के अरनियां में पित्तल पोस्ट पर सीमा पार से अचानक गोलियां बरसने पर खुद को बचाना मुश्किल हो गया था। गोलीबारी में घायल जवान सोमराज ने बताया कि इससे पहले वे कुछ समझ पाते गोली उनके दाहिने कंधे पर लग गई। लगातार खून बहने लगा।
तब तक अन्य जवान भी अलर्ट हो गए लेकिन गोलियां बरसना बंद नहीं हुईं, जिसमें जवानों ने अपना एक साथी खो दिया। जम्मू मेडिकल कॉलेज में भर्ती सोमराज ने हमले का आंखों देखा हाल बताया।
गोलीबारी में भी मोर्चे पर डटे रहे जवान
कठुआ के गांव गुड़ा निवासी सोम राज के मुताबिक 2012 से बीएसएफ में भर्ती हुआ था। दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने का जज्बा लिए ही बीएसएफ ज्वाइन की थी। सोम राज बीएसएफ की 192 बटालियन का जवान है।
23 साल के सोम राज के मुताबिक उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन घायल होने की वजह से ज्यादा समय तक दुश्मनों के सामने टिक पाना मुश्किल हो रहा था, फिर अन्य साथियों ने पहुंचकर जहां उसे संभाला, वहीं उन्होंने भी जवाबी फायरिंग करके मुंहतोड़ जवाब दिया।
सोम राज के मुताबिक जब फायरिंग शुरू हुई, तब वह ड्यूटी पर ही थी। उम्मीद नहीं थी कि सुबह की रोशनी में ऐसी कोई घटना हो सकती है। फिर भी उन्होंने स्थिति का सामना किया।
खून देकर बचाई साथी की जान
फायरिंग में गंभीर रूप से घायल बीएसएफ के जवानों सहित सात लोगों में से मदन लाल की हालत काफी गंभीर बनी हुई थी।
उनके इलाज के लिए डाक्टरों ने खून की जरूरत बताई। उन्हें बचाने के लिए साथ में ही आए एक साथी ने अपना खून दिया। वहीं, उच्चाधिकारियों ने बताया कि घायलों के इलाज में कोई भी कमी न आए, इसलिए वे लगातार डॉक्टरों के संपर्क में बने रहे।
बीएसएफ के जवानों को भी घायलों की मदद के लिए मौके पर तैनात किया गया था।
दूसरे कैंपों से भी बुलाए गए जवान
गोलबारी की घटना को देखते हुए बीएसएफ के जवानों ने अरनियां से पहुंचने वाले घायलों को कवर करने के लिए पलौड़ा से जवानों को मौके पर पहुंचने के लिए कहा।
पांच-छह बीएसएफ के जवान तुरंत जम्मू मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने घायलों को इलाज के लिए जल्द से जल्द इमरजेंसी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जिला प्रशासन ने फायरिंग में घायल हुए लोगों को दस-दस हजार रुपये दिये हैं।
इनमें से अरनियां निवासी मुकेश कुमार (16) को नकद दस हजार रुपये दिए गए हैं, जबकि बिहार, मौजूदा काका दा कोठे, आरएस पुरा निवासी जहून मंडल (25), जतरा नंद (25) और जय नंदन कुमार (18) को दी जाने वाली राशि से इलाज करवाया जाएगा।
नायब तहसीलदार केपी सिंह के मुताबिक रेडक्रास की ओर से घायलों को दस-दस हजार रुपये दिये गए हैं।