गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
शहर के गुरुद्वारों में बैसाखी और खालसा पंथ के स्थापना दिवस पर आयोजित समागमों में संगत ने बढ़-चढ़कर हाजिरी लगाई और सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर रागी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। चांद नगर गुरुद्वारा साहिब में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बाहरी राज्यों से रागी जत्थे और कथा वाचक पहुंचे थे।
गुरुद्वारा में सुबह दस बजे दीवान सजा और दोपहर दो बजे तक संगत ने माथा टेका। शहर के छोटे-बड़े सभी गुरुद्वारों में विशेष समागम भी करवाए गए। कोविड के कारण इस बार गुरुद्वारा साहिब में संगत का हुजूम कम था। चांद नगर गुरुद्वारा में रागी जत्थे और कथा वाचक ने गुरु नानक की जवीनी पर प्रकाश डाला।
जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य फतेह सिंह ने कहा कि सिख धर्म में बैसाखी का बुहत बड़ा महत्व है। इसी दिन खालसा पंथ का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब पहुंचे लोगों ने कहा कि आज का दिन बड़ा शुभ दिन है, बैसाखी और नवरात्र एक साथ हैं।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: मां वैष्णो के दर्शन के लिए उत्साह बरकरार, इन तस्वीरों में देखिए भवन की अनोखी सजावट
शहर में गुरुद्वारा सिंह सभा नानक नगर, गुरुद्वारा बाबा फतेह सिंह गांधी नगर, गुरुद्वारा डिग्याना आश्रम, गुरुद्वारा श्री गुरु कल्गीधर रिहाड़ी, गुरुद्वारा टाली साहिब तालाब तिल्लो सहित अन्य गुरुद्वारों में सुबह सवेरे बड़ी संख्या में संगत पहुंची और गुरु घर का आशीर्वाद लिया।