साक्षरता दर का ग्राफ न बढ़ने का कारण बच्चों द्वारा बीच में स्कूल छोड़ देना भी है। कश्मीर घाटी समेत जम्मू संभाग के कुछ जिलों से अभी तक दस हजार से ज्यादा बच्चे स्कूल बीच में छोड़ चुके हैं।
तीन जिलों में साक्षरता दर 90 प्रतिशत से ऊपर
जम्मू, सांबा, लेह में साक्षरता दर 90 प्रतिशत से ऊपर है। बांदीपोरा, गांदरबल, बडगाम, रामबन, कुलगाम, रियासी में साक्षरता दर 70 प्रतिशत है।
साक्षरता दर बढ़ाने को चलाई कई योजनाएं
- मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को स्कूल लाने के प्रयास जारी हैं
- प्रदेश के दो हजार से ज्यादा स्कूलों में आगामी सत्र से प्री प्राइमरी कक्षाएं लगेंगी
- शिक्षा विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों को बच्चों को स्कूल भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है
- किचन गार्डन के अलावा स्कूल में अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं
- स्टूडेंट हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं
- स्कूलों में किया जा रहा है बच्चों का चेकअप
- कोरोना संक्रमण के दौरान ऑनलाइन चल रही हैं बच्चों की कक्षाएं
प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए कई कारगर कदम उठाए गए हैं। योजनाओं के तहत बच्चों को स्कूल की ओर आकर्षित किया जा रहा है। स्कूलों में प्रवेश मेले आयोजित किए जा रहे हैं। साक्षरता दर से लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बच्चों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों को प्रेरित किया जा रहा है। -अरुण मन्हास, निदेशक, समग्र शिक्षा विभाग