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विश्व हृदय दिवसः युवाओं का दिल भी दे रहा दगा, जीवनशैली में बदलाव से हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी

Sun, 29 Sep 2019 02:43 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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हार्ट अटैक
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जम्मू संभाग में कॉर्डियो वैसकुलर डिजीज (हृदय रोगों) में बढ़ोतरी हुई है। जीएमसी और सुपर स्पेशलिटी जम्मू में हार्ट अटैक के रोजाना 10 से 15 मामले पहुंच रहे हैं। बदलती जीवनशैली और अधिक आरामदायक वातावरण लोगों को हृदय रोगों से ग्रस्त कर रहा है।

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मोटापा, तनाव, ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक के लिए ज्यादा हावी हो रहा है। अमूमन 40 की उम्र में होने वाले इस अटैक की गिरफ्त में अब 25-30 साल के युवा आ रहे हैं। इसमें अधिकांश मामलों में पुरुष पीड़ित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में पारे में गिरावट पर हार्ट अटैक की शिकायत बढ़ेगी।

पारा गिरने पर शारीरिक गतिविधियां कम होने से खून में कंपोनेंट आपस में जुड़कर सीधे दिल पर हमला करते हैं। इससे खून की सप्लाई प्रभावित होने से हार्ट अटैक की शिकायत बढ़ी है। जीएमसी की इमरजेंसी में पहुंचने वाले अधिकांश मामले शहर से हैं। तापमान में गिरावट पर लोगों द्वारा शारीरिक गतिविधियां कम की जाती हैं।

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महिलाओं में हार्ट अटैक के कम होने का कारण माहवारी होना है

ऐसे मौसम में खानपान पर ज्यादा तवज्जो दी जाती है। लेकिन यह हानिकारक होता है। सामान्य से ज्यादा खानपान करने से शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा सामान्य से बढ़ जाती है, जो खून की सप्लाई को बाधित करती है। पारा कम होने से शरीर में कई हारमोन में बदलाव आता है। इसमें न्यूरो हारमोन अहम होता है।

युवाओं में हार्ट अटैक में स्मोकिंग, हाइपरटेंशन आदि जिम्मेदार हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक के कम होने का कारण उनका माहवारी होना रहता है। लेकिन माहवारी रुकने पर ऐसी महिलाओं में मोटापा बढ़ने लगता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। दूरवर्ती और पहाड़ी इलाकों में हार्ट अटैक के मामलों की संख्या बढ़ी है। इनमें डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी, पुंछ इलाके ज्यादा प्रभावित हैं।

इन इलाकों में हार्ट अटैक के मामलों में अधिकांश पीड़ितों की सांसें राम भरोसे ही रहती हैं। यहां आधुनिक ढांचागत सुविधाओं और विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी ऐसे मरीजों की जान पर बनी रहती है। इन इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में हृदय विशेषज्ञों की भारी कमी है।

 

सुपर स्पेशलिटी में विश्व हृदय दिवस की धूम

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू में कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा के अनुसार हृदय रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें। कोलेस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें। तत्काल प्रभाव से तंबाकू के साथ धूम्रपान छोड़े। फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें। रोजाना आधा घंटा सैर, योग और कसरत करें।

लक्षण
1. शरीर में अचानक घबराहट आना
2. सिर में तेज दर्द, नब्ज कमजोर होना
3. अचानक सांस फूलने लगना
4. तनाव से खून की सप्लाई में प्रेशर बढ़ना
 
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सीवीडी के कारण लाखों लोगों की मौत हो रही है- डॉ. धर्मेंद्र कुमार

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू में शनिवार को विश्व हृदय दिवस पर हुए कार्यक्रम में कार्डियो वैसकुलर रोगों के बारे में जागरूक किया गया। इस साल विश्व हृदय दिवस का संदेश मेरा हृदय आपका हृदय, दिया गया है। इस दौरान ओपीडी में मरीजों को फल वितरित किए गए।

एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि हर वर्ष ग्लोबल स्तर पर सीवीडी के कारण लाखों लोगों की मौत हो रही है। इसका बड़ा कारण लोगों में अपने हृदय की बीमारियों की रोकथाम को लेकर जागरूक न होना है। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. दारा सिंह, डॉ. मनोज चलोत्रा, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. संजीव भट्ट, डॉ. वरुण आदि मौजूद रहे।

बिक्रम चौक से वाकाथन आज
विश्व हृदय दिवस पर रविवार सुबह 7.30 बजे बिक्रम चौक से वाकाथन का आयोजन किया जाएगा जो सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू में संपन्न होगी। इसमें डॉक्टर, पैरा मेडिकल कर्मियों के अलावा आम लोग शामिल होंगे। लोगों को हृदय रोगों की रोकथाम पर जागरूक किया जाएगा।
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