फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीरः जोजिला टनल परियोजना पर काम शुरू, सुरंग के लिए पहला विस्फोट 15 को

Thu, 08 Oct 2020 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

  • इमरजेंसी के लिए बनने वाली एस्केप टनल का प्रावधान हटाकर घटाई गई लागत
  • एनएचआईडीसीएल के साथ निर्माण कंपनी ने तीन दिन पूर्व ही किया था करार
विज्ञापन
zojila
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लद्दाख को जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश से साल भर जोड़े रखने के लिए एशिया की सबसे लंबी (14.2 किमी) जोजिला टनल परियोजना स्थल पर काम शुरू हो गया है। निर्माण कंपनी का अमला और मशीनरी जोजिला पहुंच गई है। सामरिक दृष्टि से इस बेहद महत्वपूर्ण सुरंग की खोदाई के लिए 15 अक्तूबर को पहला विस्फोट किया जाएगा। फर्स्ट ब्लास्ट सेरेमनी का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी कर सकते हैं।

विज्ञापन


टनल का निर्माण चिनैनी नाशरी सुरंग की तर्ज पर एक सुरंग में दो तरफा ट्रैफिक व्यवस्था के तहत होगा, लेकिन एस्केप टनल नहीं होगी। आपात स्थिति में रेस्क्यू, मरम्मत इत्यादि के लिए एस्केप टनल को इस्तेमाल किया जाता है।

परियोजना से जुड़ी एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 अक्तूबर को पहला ब्लास्ट करने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। मौके पर निर्माण कंपनी का सामान पहुंच गया है। मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने तीन दिन पूर्व ही नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के साथ करार पर हस्ताक्षर किए थे। 
विज्ञापन


इस औपचारिकता के पूरा होते ही कंपनी ने प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। जोजिला दर्रे को बाईपास करने के लिए बनाई जा रही सुरंग के डिजाइन में आमूलचूल बदलाव किया गया है। सुरंग की लागत कम करने के लिए एस्केप टनल का प्रावधान हटाया गया है। एक ही बड़ी टनल बनेगी जिसमें दो तरफा लेन से वाहन गुजरेंगे।
विज्ञापन


लागत हो गई साढ़े चार हजार करोड़
पूर्ववर्ती डिजाइन में परियोजना की लागत 8000 करोड़ के आसपास बैठ रही थी, जिसे घटाकर अब साढ़े चार हजार के करीब लाया गया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें