मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद ने कहा है कि कानून और व्यवस्था से संबंधित मामलों में मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सुरक्षा बलों को मानवीय एप्रोच अपनाने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद यूनिफाइड कमांड की बैठक को पहली बार संबोधित करते हुए मुफ्ती ने कहा कि इस बार चुनाव सुखद और शांतिपूर्ण माहौल में हुए हैं और सरकार प्रभावी शासन के लिए मैकेनिज्म विकसित करना चाहती है।
तीनों खित्तों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के संतुलित विकास से रियासत को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास होगा। उन्होंने शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सेना, पुलिस और सिविल प्रशासन से सहयोग की अपील की।
बैठक में सीमा और एलओसी पर पर सर्विलांस के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरणों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक की अध्यक्षता की।
उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह के अलावा नार्दन कमांड के जीओसी डीएस हुड्डा, डीजीपी के राजेन्द्रा, मुख्य सचिव इकबाल मोहम्मद खांडे समेत सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस और प्रशासन के तमाम आला अधिकारी बैठक में मौजूद थे।