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Jammu Kashmir: रसोई में जीएसटी कटाैती का तड़का, बचेगा गृहिणियों का खर्चा, महंगाई से राहत और बजट में बचत

Tue, 23 Sep 2025 12:26 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जीएसटी दरों में कटौती से रसोई, खेती, वाहन और दवाइयों पर खर्चा कम होगा, जिससे आम जनता और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। इसके साथ ही सरकार को टेंडर प्रक्रिया में भी बचत होगी, जिससे सरकारी खर्चे घटेंगे।
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जीएसटी 2.0 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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जीएसटी में राहत के बाद शहर की महिलाएं खुश हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को सभी ने मील का पत्थर करार दिया है। महिलाओं का कहना है कि घर व बाहर हर जगह खानपान में खर्च को संभालने का जिम्मा उन पर आता है। पति की जेब से हर माह 10 से 15 हजार तो कभी 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। नई जीएसटी दरों में कमी का असर घर की अर्थव्यवस्था पर दिखेगा।

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 हर माह रसोईघर का खर्च 15 हजार रुपये तक पहुंच रहा था। नई जीएसटी दरों में बदलाव मध्यम श्रेणी वर्ग की महिलाओं के लिए एक आशा की किरण है। आने वाले दिनों में कुछ रुपये बचा सकेंगे। प्रधानमंत्री की पहल निश्चित तौर पर सराहनीय है। दूध, तेल, काॅस्मेटिक की खरीदारी में जेब ढीली नहीं करनी होगी। थोड़ी राहत भी बहुत कुछ संभावनाएं लाती हैं। ज्योति सचान, गृहिणी, नानक नगर

रसोईघर के खर्च में होगी बचतरसोईघर का खर्च कभी-कभी महीने में 20 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। यह अधिक है लेकिन दूध, दही सहित कास्मेटिक की चीजों पर जीएसटी दरों में छूट का असर दिखेगा। कपड़ों की खरीदारी में भी महिलाएं अपनी जेब में कुछ रुपये जरूर बचा सकेंगी। प्रधानमंत्री ने दूरदर्शी फैसला लिया है। मध्यम वर्ग बढ़ती महंगाई से परेशान है। यह फैसला दूरगामी परिणाम देगा। अनु बनोत्रा, कामकाजी महिला, जानीपुर

 ट्रैक्टर और कीटनाशक खरीद पर भी राहत, अब किसानों के हजारों रुपये बचेंगे
कृषि क्षेत्र में जीएसटी में सात फीसदी छूट से किसानों को राहत मिली है। पहले कीटनाशक और कृषि उपकरण खरीदने पर 12 फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा था। इस कारण खेती महंगी साबित हो रही थी। अब टैक्स में सात फीसदी छूट से खेती करना आसान होगा। कीटनाशक में भी पिछले साल की तुलना में छूट मिलेगी।

कैनाल हेड के पास के दुकानदार संजीव सिंह ने बताया कि पहले 12 फीसदी टैक्स लिया जा रहा था। अब पांच फीसदी टैक्स के हिसाब से सामान किसानों को दिया जा रहा है। पंप खरीदने और अन्य उपकरणों पर पांच से 35 रुपये तक कम दाम पर सामान दिया जा रहा है। डोगरा चौक के पास कीटनाशक की दुकान करने वाले अभिनव ने बताया कि सरकारी फैसले पर अमल किया जा रहा है। फसलों की अच्छी पैदावार के लिए कीटनाशक का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है।अरनिया की किसान बलविंद्र कौर का कहना है कि खेती करना आसान काम नहीं है। पहले खेत तैयार करो और बिजाई करो। इसके बाद खेती बचाने के लिए दवाओं से लेकर अन्य कामों पर पैसा खर्च होता है। अब ट्रैक्टर, कीटनाशक और अन्य सामान खरीदने पर सात फीसदी छूट मिल रही है

खेती में आधुनिकीकरण को मिलेगा बल, हर किसान हो सकेगा संपन्न
मढ़ के किसान प्रेम सिंह कहते हैं कि ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स, बायो पेस्टिसाइड, फारेस्ट्री और ट्रैक्टर खरीद में टैक्स पांच फीसदी रह गया है। इनका प्रयोग खेती में सर्वाधिक होता है। हर किसान हजारों रुपये बचा सकेगा।

 भरेगा सरकारी खजाना, टेंडर में दस फीसदी बचत के आसार
जीएसटी की नई दरों का असर पीडब्ल्यूडी विभाग की टेंडर प्रक्रिया पर पड़ने जा रहा है। सरकार को बड़ी बचत होने वाली है। टेंडर प्रक्रिया में पांच से दस फीसदी का अंतर देखने को मिल सकता है। अक्तूबर माह से जारी होने वाले सभी नए टेंडर अब जीएसटी में दस फीसदी की कटौती के साथ भरे जाएंगे।

निर्माण सामग्री पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इसका सीधा असर सीमेंट, सरिया समेत अन्य उत्पादों पर रहेगा। जम्मू-कश्मीर में निर्माण सामग्री की खरीद सीधे ठेकेदार करते हैं और टेंडर में रेट निर्माण सामग्री के साथ भरे जाने का प्रावधान है।

अब तक ठेकेदार 28 फीसदी जीएसटी के साथ टेंडर भर रहे थे। निर्माण सामग्री के दाम कम होने के बाद टेंडर में रेट गिरने की संभावना है और इस दौरान होने वाली बचत सीधे सरकारी खजाने में जाएगी। यानि अब तक जिस काम को करवाने के लिए पीडब्ल्यूडी के माध्यम से प्रदेश सरकार 100 में से 90 रुपये का भुगतान कर रही थी।

उसका भुगतान अब 80 रुपये तक गिर सकता है।जीएसटी का फायदा ठेकेदारों को निर्माण सामग्री की खरीद से होगा और प्रदेश सरकार को टेंडर के दाम गिरने से बचत होगी। प्रदेश में 2019 तक पीडब्ल्यूडी के खुद के स्टोर थे। विभाग निर्माण सामग्री खरीदने के बाद ठेकेदारों को उपलब्ध करवा रहा था। लेकिन इसके बाद सभी स्टोर बंद कर दिए गए और निर्माण सामग्री की खरीद को टेंडर में ही शामिल कर लिया गया। अब जीएसटी में कटौती का सीधा फायदा सरकार को नहीं होगा। लेकिन टेंडर के दाम गिरने से होने वाली बचत सरकारी खजाने में राहत का काम करेगी।

पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रमुख अभियंता का कहना है कि जीएसटी में कमी का सीधा असर विभाग को नहीं होगा। लेकिन खरीद के मामले में टेंडर के रेट गिरने से सरकारी खजाने में बचत हो सकती है। यह बचत दस फीसदी तक जाएगी और पहले मुकाबले कम दाम पर विभाग अपना काम पूरा करवाने में सफल होगा।

नवरात्र के पहले दिन गाड़ियों की अच्छी बिक्री
नवरात्र के पहले दिन सोमवार को शहर के ऑटोमोबाइल बाजार में हलचल देखने को मिली। शहर के कई शोरूमों में कार और बाइक की अच्छी बिक्री हुई। खासकर वे ग्राहक जो नई जीएसटी दरों के अनुसार वाहन खरीदना चाहते थे, आज शोरूमों में पहुंचे। अभी तक पितृपक्ष और जीएसटी की नई दरों की वजह से ऑटोमोबाइल बाजार सूना पड़ा था।

कार और बाइक एजेंसियों के मालिकों ने बताया कि छोटी कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री सबसे ज्यादा रही। मारुति सुजूकी, हीरो मोटोकॉर्प, होंडा और बजाज जैसी कंपनियों ने अपने वाहनों के दाम कम किए हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन जम्मू के महासचिव साहिल महाजन ने बताया कि नवरात्र में बिक्री में तेजी आने की संभावना पहले से थी। पहले ही दिन इसका असर दिखा। यह पितृपक्षों की समाप्ति के बाद पहला दिन था। आगे के दिनों में और ज्यादा बिक्री और बुकिंग की उम्मीद है।

शहर की ही एक बाइक और स्कूटर एजेंसी के संचालक भूषण खजूरिया ने बताया कि बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। लोगों ने स्कूटर और मोटरसाइकिल तो खरीदी ही, बड़ी संख्या में ग्राहक पूछताछ करने भी आए। बाइक एजेंसी में ही पूछताछ करने आए बिश्नाह निवासी संजय ने बताया कि ज्यादातर कंपनियों ने दाम घटा दिए हैं, बस वही पूछने आए थे कि कितना फायदा मिलेगा।

जम्मू केमिस्ट एसोसिएशन सभी दुकानों पर संशोधित दर के पोस्टर लगा रहा
एसटी में कटौती से दवाइयां सस्ती हुई हैं। कैंसर, आनुवंशिक व दुर्लभ और हृदय संबंधी बीमारियाें से जुड़ी 36 दवाएं टैक्स के दायरे से बाहर है। वहीं जिन दवाओं पर पहले 12 फीसदी जीएसटी था अब पांच फीसदी है। इससे छोटे बच्चों का पाउडर वाला दूध, अलर्जी, बीपी व हृदय रोग संबंधित दवाइयों के लिए पहले की तुलना में कम पैसा देना होगा।

लोगों को जीएसटी कटौती का लाभ मिले इसके लिए जम्मू केमिस्ट एसोसिएशन ने पोस्टर तैयार किए हैं जो सभी दवाइयों की दुकानों पर लगाए जा रहे हैं। इसमें पुराना जीएसटी, नया जीएसटी और एमआरपी में कमी को बताया है। उदाहरण के लिए हृदय रोग के लिए दी जाने वाली जीटीएन सोर्बिट्रेट सीआर 2.6 जिसकी एमआरपी 304 रुपये है अब वह 255 रुपये में मिलेगी। इसी तरह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए टेलमा-एम का 15 गोली वाला पत्ता जो 12 फीसदी जीएसटी के तहत 336 रुपये में मिलता था अब 300 रुपये तक मिलेगा।

जम्मू केमिस्ट एसोसिएशन ने तैयार किए पोस्टर में बताया कि जिन दवाइयों पर 12 से घटकर पांच फीसदी तक जीएसटी लगेगा उनकी एमआरपी पर 6.25 फीसदी की कमी होगी। इसी तरह 18 से पांच फीसदी में एमआरपी पर 11.02 फीसदी की कमी होगी। पांच फीसदी से शून्य कर वाली दवाइयों की एमआरपी पर 4.77 फीसदी जबकि 12 फीसदी से शून्य कर वाली दवाइयों की एमआरपी पर 10.27 फीसदी कमी होगी। इसके साथ ही बीपी जांच करने वाली मशीन भी सस्ती हुई है।
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जीएसटी कटौती के बाद मरीजों को उसका लाभ दे रहे हैं। इसके लिए एसोसिएशन के सभी सदस्यों को पोस्टर लगाने के लिए कहा है ताकि लोग जागरूक हों। उन्होंने कहा कि अगर मेरे पास कोई दवाई सौ रुपये की है तो 12 फीसदी से टैक्स घटकर पांच फीसदी होने पर एमआरपी पर 6.25 फीसदी छूट दे रहे हैं। लोगों को टैक्स कटौती का लाभ मिलना चाहिए। इसमें हमारा घाटा है क्योंकि जो दवाइयां हमने 12 या 18 फीसदी जीएसटी के तहत खरीदी थी उसे अब पांच फीसदी के हिसाब से बेचना होगा।- प्रेम शर्मा, महासचिव, जम्मू केमिस्ट एसोसिएशन

दवाइयों पर जीएसटी कटौती का लाभ लोगों को मिलेगा। जम्मू केमिस्ट एसोसिएशन की लंबे समय से मांग थी कि दवाइयों पर जीएसटी दर में कटौती हो। अब सरकार ने फैसला लिया है। इसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए। नए दर लागू होने के पहले दिन हमने लोगों को उसके हिसाब से ही बेची है ताकि उनको लाभ मिले। 18 से पांच फीसदी तक कटौती वाली दवाओं पर हम एमआरपी पर 11.02 फीसदी की छूट लोगों को दे रहे हैं जबकि 12 से पांच फीसदी पर 6.25 फीसदी है।
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