श्रीनगर में नेकां की महिला विंग प्रदर्शन करतीं हुई।
- फोटो : बासित जरगर
आगे की पढ़ाई भी वह नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि हम यहां के युवाओं के साथ बात करना चाहते हैं। लेकिन आगरा में छात्रों पर देशद्रोह के मुकदमे दर्ज हो जाते हैं। शमीमा ने कहा कि यह वो वक्त नहीं जब शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के खिलाफ गद्दारी का केस दर्ज किया गया था और वो बाद में झूठ साबित हुआ। सरकार आज दोबारा से उस नीति को अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस गुप्ता ने यह साफ कर दिया है कि छात्रों के खिलाफ ऐसे कोई मामला नहीं दर्ज किया जा सकता है।
श्रीनगर में नेकां की महिला विंग प्रदर्शन करतीं हुई।
- फोटो : बासित जरगर
शमीमा ने कहा कि इस बयान से काफी बातें स्पष्ट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह खेल है। किसी की तारीफ करना कोई गुनाह नहीं। यह केवल कश्मीरी लोगों को मुसीबत में डालने की एक नीति है। शमीमा ने कहा कि हम अपील करते हैं कि जल्द से जल्द मामले वापस लिए जाएं। बता दें कि जीएमसी श्रीनगर और स्किम्स में पाकिस्तान की जीत के जश्न को लेकर मामला दर्ज किया गया था। आगरा में भी कश्मीरी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।