जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में कोविड परीक्षण केंद्र में तैनात डॉ. गीतांजलि राजपूत ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक और गांव में गहन परीक्षण, टीकाकरण और अथक परिश्रम किया जाना कोविड नियंत्रण की कुंजी है। इसी से कोरोना को मात दी जा सकती है। ब्लॉक पुरमंडल के बस्सी कलां में कोविड परीक्षण की नोडल अधिकारी डॉ. गीतांजलि राजपूत ऐसी परिस्थितियों में काम करने के डर को समझती हैं और अपने केंद्र पर मरीजों के प्रति सहानुभूति दिखाने में भी उन्हें कोई भय नहीं।
गीतांजलि कहती हैं कि बड़ी से बड़ी समस्या सिर्फ मानवता दिखाने से ही हल हो जाती है। मरीजों के लिए टेंट, कुर्सियां, एयर कूलर, मास्क, सैनिटाइजर रखे गए हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का प्रावधान भी किया है। क्योंकि, जब मरीज सुखद अनुभव करेंगे तो वह इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए दूसरों को भी प्रोत्साहित करेंगे।
डॉ गीतांजलि ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस परीक्षण केंद्र को चालू रखने में पूरा समर्थन किया है और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, फेस शील्ड और सैनिटाइजर प्रदान किए गए हैं। कोविड की जांच कराना, इससे मुकाबला करने की पहल है। यही एक चीज है जो समय रहते रोगी का पता लगाने में मदद कर सकती है और कोरोना को हराने में सहायता कर सकती हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके केंद्र पर आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन दोनों परीक्षण होते हैं। उनके यहां पंजीकरण और सैंपलिंग साथ-साथ होते हैं, क्योंकि यह समय को बचाता है। टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, नियमों की सूची और कोविड किट प्रदान की जाती है। साथ ही ज्यादातर लोगों को घर में ही आइसोलेट होने की सलाह दी जाती है।.