हीरानगर सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे नेशनल हाईवे के किनारे वायरलेस सेट मिलने से सनसनी फैल गई।
मामला इसलिए भी अतिसंवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि जिस जगह वायरलेस सेट मिला है, वहां से अंतरराष्ट्रीय सीमा की दूरी 10 किलोमीटर से भी कम है। ऐसे में लगातार घुसपैठ की साजिश रच रहे आतंकियों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए एसओजी हीरानगर, सीआरपीएफ और सेना ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
चार घंटे तक चले तलाशी अभियान में हालांकि कुछ भी हाथ नहीं लग पाया है। सांबा के चमलियाल में आतंकी घुसपैठ की कोशिश और नगरोटा में फिदायीन हमले के बाद अब वायरलेस सेट मिलने को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही है। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं।
वायरलेस सेट की बैटरी थी फुल, साथ लगे थे ईयरफोन
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- फोटो : निखिल मेहता
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात पुलिस ने रूटीन पेट्रोलिंग के समय मेला मोड़ के नजदीक त्यागी बाबा मंदिर से सटी पुली के नीचे झाड़ियों में वायरलेस सेट को बरामद किया।
वीरवार सुबह आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा है। मेला मोड़ के नजदीक मिला वायरलेस सेट आईकॉम (जापान) निर्मित था। सूत्रों के अनुसार इस कंपनी के सेट का इस्तेमाल सेना भी करती है, लेकिन इस मॉडल का प्रयोग नहीं किया जाता।
पुलिस द्वारा सेना से इस संबंध में जानकारी लेने के बाद साफ हो गया कि यह वायरलेस सेट सेना का नहीं था। खुफिया सूत्रों की मानें तो सुरक्षा एजेंसियां इसे भारतीय सीमा में सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्करों से जोड़कर देख रही हैं। इस पहलू को भी जांचा जा रहा है कि कहीं घुसपैठ की कोई कोशिश न हुई हो।
पुलिस के हाथ लगा वायरलेस सेट एक्टिव कंडीशन में था। पुलिस सूत्रों के अनुसार बरामदगी के समय सेट स्विच ऑफ था, लेकिन उसकी बैटरी फुल थी और ईयरफोन भी लगे थे। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि इसे हाल ही इस्तेमाल किया गया हो।