राज्य ध्वज मामले के याचिकाकर्ता अब्दुल कयूम खान ने शनिवार को कहा कि मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। इसलिए मेरी यह लड़ाई जारी रहेगी चाहे कुछ भी हो जाए। अब्दुल कयूम खान जो एक रिटायर्ड इंडियन फारेस्ट सर्विसेज अधिकारी हैं, ने कहा कि उन्होंने राज्य ध्वज को लेकर वर्ष 2013 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
जम्मू कश्मीर के संविधान की धारा 144 के तहत सभी सरकारी इमारतों और सरकारी वाहनों पर राष्ट्र ध्वज के साथ साथ राज्य ध्वज लगाने के लिए एक विशेष प्रावधान है।
राजभवन, राज्यपाल की गाड़ी, उच्च न्यायालय की इमारत, उच्च न्यायालय के जजों की गाड़ियों का उदाहरण देते हुए कयूम ने कहा कि यहां राज्य ध्वज नहीं लहराया जाता है जिससे उन्हें लगा कि यह राज्य ध्वज का अपमान है।
कयूम के अनुसार ऐसा करने पर तीन साल की सजा का प्रावधान है। इसलिए याचिका दायर करने के पीछे एक ही उद्देश्य था कि सभी लोग इस संवैधानिक दायित्व का पालन करें।