प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मिशन कश्मीर को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। वह चुन-चुनकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो आम कश्मीरियों का दिल छू जाएँ। जम्मू संभाग में भाजपा का पहले से ही जनाधार है और लद्दाख में पार्टी ने लोकसभा चुनाव में पैठ बना ली है। अब कश्मीर फतह के लिए रणनीति पर अमल हो रहा है। मोदी ने अपनी पहली चुनावी रैली में मुस्लिम वोट बैंक पर भी डोरे डाले।
मोदी को मंच पर अन्य प्रत्याशियों ने गुलदस्ते भेंट किए लेकिन मुस्लिम नेता सईद अहमद शाह ने केसर की माला पहनाई। इस माला में केसर जड़ा हुआ था और दोनों तरफ भाजपा का चुनाव निशान कमल दिख रहा था। माला का रंग भाजपा के झंडे के रंग जैसा था। अन्य मालाओं को मोदी ने तुंरत उतार दिया लेकिन इसे रैली के अंत तक धारण किए रहे।
भाषण की समाप्ति के बाद मंच से उतरते हुए उन्होंने कहा कि यह माला याद रहेगी। इतना ही नहीं चिनाब वेली के मुस्लिम प्रत्याशियों के साथ हाथ उठाकर मंच से संदेश दिया। भाजपा ने चिनाब वेली के बनिहाल और इंद्रवाल विधानसभा क्षेत्रों से मुस्लिम प्रत्याशी खड़े किए हैं।
कश्मीर और जम्मू संभाग को लेकर भाजपा ने 32 मुस्लिम प्रत्याशी दिए हैं। मोदी की रैली में मोदी के आगमन से पहले इन प्रत्याशियों ने रैली को संबोधित किया। इंद्रवाल के प्रत्याशी ताकि कीन ने कहा कि सिर्फ भाजपा ही कशमीर के मुसलमानों को उनका हक दिला सकती है। बनिहाल के शोकत डेंग ने मोदी को हिन्दुस्तान का मसीहा बताया।
कश्मीर वेली की 46, जम्मू संभाग की 37 और लद्दाख की चार सीटों में से मिशन 44 प्लस का लक्ष्य हासिल करने के लिए भाजपा हर नुस्खे को आजमा लेना चाहती है। इसलिए मुसलमानों और यहां तक कि अलगाववादियों को भी रिझाया जा रहा है। जम्मू संभाग में राजोरी और पुंछ भी मुस्लिम वोट बैंक प्रभावी है।