पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं के उनका फातिहा पढे़ जाने पर कश्मीर के एक इस्लामिक विद्वान मौलाना अब्दुल रशीद दाऊदी ने ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया है वह मुसलमान नहीं हैं। उन्होंने चंद पैसों के लिए अपना दीन ईमान बेच दिया है।
मौलाना दाऊदी एक वायरल वीडियो में बोल रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि जिन्होंने ऐसा किया है वो शरीयत और कुरान के फतवा के चलते दायरे इस्लाम से खुदबखुद बाहर हो जाते हैं। इतना ही नहीं वो यह भी कह रहे हैं कि अटल जी का फातिह पढ़ने वाले काफिर बन गए, और जब वह काफिर हैं और उनकी बीवियां मुसलमान तो ऐसे में उनका निकाह भी खुदबखुद टूट जाता है। यह सब शरीयत के अनुसार है और इसके लिए किसी मुफ्ती की जरूरत भी नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि अब ऐसी सूरत में उन्हें मुसलमान बनने के लिए फिर से कलमा और फिर से निकाह पढ़ने की जरूरत है।