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J&K: रणनीति बदली तो मुठभेड़ में बचकर भागने वाले आतंकियों का होने लगाया सफाया, एक-एक कर ढेर हो रहे आतंकी

Tue, 24 Feb 2026 11:50 AM IST
निकिता गुप्ता अरुण कुमार अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

जम्मू संभाग में बदली सुरक्षा रणनीति के तहत सुरक्षाबलों ने कठुआ से किश्तवाड़ तक जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाते हुए कई आतंकियों को ढेर किया है।
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सेना ने मार गिराए सात आतंकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू संभाग में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों की बदली रणनीति अब जमीन पर असर दिखा रही है। जो आतंकी पहले घने जंगलों और दुर्गम रास्तों का फायदा उठाकर मुठभेड़ स्थल से बच निकलते थे, वे अब सीधे मौत के घाट उतारे जा रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ इस आक्रामक रणनीति की रूपरेखा गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकों में तैयार की गई थी।

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नए साल पर केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन जनवरी में दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे। अपने इस दौरे पर उन्होंने पहली बार सभी एजेंसियों के साथ बैठकें की।

इसके बाद संयुक्त बैठक कर हालात की व्यापक समीक्षा की। इन्हीं बैठकों में जम्मू संभाग के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में छिपे आतंकियों के खिलाफ आर-पार की और निर्णायक लड़ाई लड़ने की ठोस रणनीति बनी। नई रणनीति के लागू होते ही आतंकियों के खिलाफ अभियान अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया और इसके सटीक नतीजे भी सामने आने लगे।
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केंद्रीय गृह सचिव के दौरे के बाद सुरक्षाबलों ने 23 जनवरी को बिलावर में जैश-ए-मोहम्मद के खूंखार आतंकी को मार गिराया। इसके बाद गृह मंत्री के दौरे से ठीक पहले सुरक्षाबलों ने चार फरवरी को उधमपुर में दो और किश्तवाड़ में जैश के एक अन्य आतंकी को ढेर कर दिया।

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2021-22 में घुसपैठ कर जम्मू संभाग में पहुंचे थे आतंकी
लंबे समय तक शांत रहे जम्मू संभाग को फिर से अशांत करने के लिए 2021-22 में पाकिस्तान ने आतंकियों की घुसपैठ करवाई। घुसपैठ के बाद आतंकियों ने कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ में अपना नेटवर्क सक्रिय किया। हमला करो और छिप जाओ की रणनीति अपनाई। अलग-अलग समूह बनाए। एक समूह कठुआ में हमला कर छिप जाता तो दूसरा डोडा या किश्तवाड़ में हमला करता। डोडा में आतंकियों की तलाश के लिए ऑपरेशन चलता तो आतंकी उधमपुर के बसंतगढ़ में हमला करते और छिप जाते।
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कठुआ और उधमपुर में सैफुल्लाह ग्रुप पर हुआ था बड़ा एक्शन
कठुआ से लेकर किश्तवाड़ तक सक्रिय सैफुल्लाह ग्रुप के आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमले किए। सैफुल्लाह सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमलों में शामिल रहा। 2024 में चार मुठभेड़, 2025 में तीन मुठभेड़ों में सैफुल्लाह भागने में कामयाब रहा।

23 जनवरी को कठुआ के बिलावर के जंगलों में जैश आतंकी जुबैर अहमद को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। जुबैर सैफुल्लाह ग्रुप का स्नाइपर था। जुबैर के ढेर होने से सैफुल्लाह को बड़ा झटका लगा। चार फरवरी को उधमपुर में हुई मुठभेड़ में जैश के दो आतंकी जुबैर निक्कू और अबू माविया को मौत के घाट उतारा। इसी दिन किश्तवाड़ के छात्रू में भी एक आतंकी मारा गया। इस मुठभेड़ से सैफुल्लाह भागने में सफल रहा लेकिन 22 फरवरी को सुरक्षाबलों ने सैफुल्लाह समेत तीन आतंकियों को ढेर कर किश्तवाड़ में सक्रिय जैश के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है।

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