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जब अस्पताल ही बीमार, तो कहां होगा उपचार

Fri, 24 Apr 2015 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सांबा
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जिला अस्पताल में इमारतें बनाई जा रहीं। लेकिन न तो स्टाफ पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा न ही उसे साफ-सुथरा रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जा रही। इसकी वजह से लोगों में रोष है। सामाजिक कार्यकर्ता कमल भट्टी, पीडीपी नेता विनोद सिंह बिन्नी, कांग्रेस नेता विनोद कुमार ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में मरज अाते हैं।
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वहीं नई-नई इमारतें बनाई जा रही हैं। गत दिनाें सीटी स्कैन मशीन को भी स्थापित किया गया। लेकिन अस्पताल की साफ-सफाई रखने पर किसी का ध्यान नहीं गया, जबकि यहां कुल तीन ही सफाई कर्मचारी हैं। ऐसे में जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था को कैसे सही रखा जा सकता है। अस्पताल के शौचालय भी गंदे रहते हैं।

अस्पताल के चारों ओर गंदगी देखी जा सकती है। यही नहीं, ओपीडी के भीतर दिनभर लावारिस कुत्ते देखे जा सकते हैं। इससे मरीजों को खतरा रहता है। उन्हाेंने राज्य सरकार से मांग की है कि जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियाें की संख्या बढ़ाई जाए।
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