शहीद बीएसएफ एएसआई कमलजीत सिंह
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जम्मू कश्मीर के पुंछ की कृष्णा घाटी सेक्टर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए बीएसएफ के एएसआई कमलजीत सिंह हमेशा भारत माता की सेवा करना चाहते थे। कमलजीत के पिता सरूप दास और साथी रह चुके हरदीप सिंह ने उनसे कहा था कि अब वे रिटायरमेंट लेकर घर आ जाएं। कमलजीत का जवाब था कि मुझे भारत माता की सेवा करने का अवसर बड़ी मुश्किल से मिला है। मैं इसे गंवाना नहीं चाहता।
बठिंडा के गांव मलकाना के रहने वाले एएसआई कमलजीत सिंह 29 वर्ष पहले बीएसफ में भर्ती हुए थे। पिछले कुछ समय से उनकी ड्यूटी 200 बटालियन बीएसफ कृष्णा घाटी सेक्टर पुंछ में थी। उनके पिता सरूप दास ने बताया कि एक माह पहले जब कमलजीत छुट्टी पर आया था तो उन्होंने कहा था कि बेटा अब तुम्हारी नौकरी बहुत हो गई है।
अब तुम रिटायरमेंट लेकर घर आ जाओ और अपने परिवार के साथ रहो। कमलजीत के साथी पूर्व बीएसएफ हवलदार हरदीप सिंह ने भी कुछ समय पहले कमलजीत को सलाह दी थी अब तुम्हारी नौकरी बीस साल की हो गई है तुम रिटायरमेंट ले लो, लेकिन कमलजीत ने पिता व साथी को एक ही जवाब दिया था कि बड़ी मुश्किल से भारत माता की सेवा करने का अवसर मिला है, जिसे वह गंवाना नहीं चाहते।