प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम बदलने वाला है। कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम का यह असर पांच से सात अक्तूबर तक रहेगा। इस दौरान छह अक्तूबर को सबसे ज्यादा बारिश होगी। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिलास्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने विभागों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एहतियात के तौर पर माता वैष्णो देवी यात्रा को रोका गया है। मचैल यात्रा भी स्थगित की गई है।
वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
वैष्णो देवी यात्रा 5 अक्तूबर से 7 अक्तूबर तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से इस बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
हाल के दिनों में कटड़ा से भवन तक जाने वाले रास्तों पर कई जगह चट्टानें खिसकने और पानी भरने जैसी घटनाएं सामने आई थीं, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी को ध्यान में रखते हुए 5 से 7 अक्तूबर तक यात्रा रोकने का फैसला लिया गया है। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस अवधि में यात्रा की योजना न बनाएं और मौसम सामान्य होने के बाद ही दर्शन के लिए आएं।
भारी बारिश के आसार, मचैल यात्रा तीन दिन के लिए स्थगित
मौसम की बेरुखी को देखते हुए प्रशासन ने किश्तवाड़ जिले में मचैल माता की तीर्थयात्रा पांच अक्तूबर से तीन के लिए स्थगित कर दी है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू संभाग में भारी बारिश और भूस्खलन का की संभावना है।
इसे देखते हुए किश्तवाड़ के जिला मजिस्ट्रेट पंकज कुमार शर्मा ने मचैल यात्रा को सात अक्तूबर स्थगित करने का आदेश जारी किया है। अवधि के दौरान किसी भी तीर्थयात्री को मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि 14 अगस्त को मचैल माता मंदिर के प्रवेश द्वार चिसोती में बादल फटने से पांच दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।