फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को पंख लगने की उम्मीद

विज्ञापन
श्रीनगर के मुगल गार्डन में बर्फबारी में मस्ती करते हुए पर्यटक। - फोटो : SHRINAGAR
विज्ञापन
जम्मू। बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल गुलजार हो गए हैं। कोविड महामारी और लॉकडाउन झेलने के बाद सफेद चादर बिछने से पर्यटकों के आने की आस बढ़ी है। कई पर्यटन स्थलों पर सैलानियों ने रुख करना भी शुरू कर दिया है। श्री माता वैष्णो देवी में त्रिकुटा की पहाड़ियों और श्रीनगर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। नत्थाटॉप, पटनीटॉप सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भी सफेद चादर बिछ गई है। जम्मू संभाग का कश्मीर कहे जाने वाले भद्रवाह में भी सीजन की पहली बर्फबारी होने से पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियाें को उम्मीदें बंधीं हैं। उधमपुर जिले के पंचैरी में भी सीजन में पहली बार हल्का हिमपात हुआ। प्रदेश के अन्य पर्वतीय जिलों में भी अधिकांश स्थानों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।
विज्ञापन

इस बर्फबारी के साथ पर्यटन उद्योग से जुड़े हजारों लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। कई महीनों से सुस्त पड़े होटल, टैक्सी, शिकारा आदि व्यवसाय को गति मिलने के आसार हैं। बर्फबारी के साथ प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। विश्व विख्यात पर्यटन स्थल गुलमर्ग में स्नो से जुड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। पर्यटन निदेशालय कश्मीर ने आगामी बर्फबारी के दौरान ऐसी कई गतिविधियों की योजना तैयार की है।
पर्यटन स्थल गुलमर्ग में हुई भारी बर्फबारी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। खासतौर पर स्नो से जुड़ी प्रतियोगिताओं को लेकर देश विदेश के पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। इस कड़ी में शनिवार को गुलमर्ग में निदेशालय कश्मीर की ओर से स्नो साइकिलिंग और स्की माउंटेरिंग गतिविधियां करवाई गईं। इंटरनेशनल माउंटेन दिवस 2020 के उपलक्ष्य में करवाई गई इन गतिविधियों में प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाने पर्वतारोही और प्रतिष्ठित टेंजिंग नारगे एडवेंचर अवार्ड विजेता अर्पणा कुमार (आईपीएस) पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि देश में स्की गतिविधियों के लिए गुलमर्ग से बेहतर कोई जगह नहीं है। देश का कोई भी व्यक्ति इन एडवेंचर पलों को छोड़ना नहीं चाहता है।
विज्ञापन

पर्यटन विभाग कश्मीर के निदेशक निसार अहमद वानी ने कहा कि बर्फबारी के बाद बड़े पैमाने पर स्नो और दूसरी गतिविधियां करवाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इन गतिविधियों में हजारों देश विदेश के पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। जम्मू संभाग के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं तैयार की गई हैं। संभाग के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में नत्थाटॉप, पटनीटॉप में हजारों स्थानीय और देश विदेश के पर्यटक पहुंचते हैं।
सरकार पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करे
जम्मू। आल 2 जम्मू होटल एंड लगेजेस एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर में इस बार कई सालों बाद समय पर बर्फबारी हुई है। इससे कोविड महामारी से वेंटिलेटर पर चल रहे होटल व्यवसाय को गति मिलने की उम्मीद है लेकिन इसके लिए सरकार को बेहतर प्रोत्साहन वाले सकारात्मक कदम उठाने होंगे। कश्मीर में पर्यटकों को रोकने के लिए बर्फबारी है, लेकिन जम्मू में लंबित पर्यटन प्रोजेक्टों को मुकम्मल बनाकर ही ऐसा किया जा सकता है। एसोसिएशन के चेयरमैन इंद्रजीत खजूरिया ने कहा कि कई डेडलाइन खत्म होने के बाद भी जम्मू में कृत्रिम झील का काम पूरा नहीं हो सका है। मुबारक मंडी कांप्लेक्स के प्रोजेक्ट को 2005 में शुरू किया गया था, लेकिन उसका भी वही हाल है। इसी तरह जनरल बस स्टैंड पर मल्टीस्टोरी पार्किंग कांप्लेक्स, बाघा बार्डर की तर्ज पर सुचेतगढ़ बार्डर को विकसित करना, स्वर्णमंदिर की तर्ज पर रघुनाथ मंदिर का विस्तार करना, भगवती नगर में रिक्रिएशनल पार्क आदि का काम पूरा नहीं हो पाया है। सरकार को जम्मू में ऐसे प्रोजेक्टों को जल्द पूरा करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें