शरीर को झुलसा देने वाली तपिश के बीच बुधवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। कश्मीर घाटी के साथ जम्मू के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। इससे जनजीवन खासा प्रभावित हुआ।
बांदीपोरा में पेड़ गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि बादल फटने से नैदखाई सुंबल में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए। उधर फिरोजपुर नाले में एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। इसमें फंसे दो भाइयों को जवानों ने बचा लिया। कश्मीर के पट्टन इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों के अलावा घरों के भीतर पानी चला गया।
जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के कई हिस्सों में बारिश से तपिश से राहत मिली है। चिनैनी में बारिश के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। जम्मू में सुबह बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। लेकिन दिन चढ़ने के साथ तपिश ने भी रंग दिखाया।
यहां दिन का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। कठुआ जिले के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। इससे मक्की की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। बिलावर, बसोहली, बग्गन, डुग्गन आदि इलाकों में तापमान में गिरावट आई है।
मौसम बिगड़ने का सबसे ज्यादा असर घाटी में दिखाई दिया। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के चंदाजी क्षेत्र में एक घर पर पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई। इनकी पहचान मुबीना बानो और शरीफा (33) के रूप में हुई है।
बांदीपोरा जिला के ही नैदखाई सुंबल के पोशवारी गांव में धान की बिजाई कर रहे एक परिवार के चार सदस्य बादल फटने से उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। इनकी पहचान इरफान अहमद वानी (26), जावेद अहमद वानी (28), मसरत बेगम (45) और ताहिरा बेगम (33) के रूप में हुई है। सभी को उचित इलाज के लिए बेमिना श्रीनगर जेवीसी अस्पताल में रेफर किया गया।
उत्तरी कश्मीर के फिरोजपुर नाले में पानी के तेज बहाव में कार में फंसे दो भाइयों को सैन्य जवानों ने बचाया। मूसलाधार बारिश से कई नदी नाले उफान पर रहे। रियासत में इसे प्री मानसून की बारिश से देखा जा रहा है।