दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर आए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं। लेकिन इस्लामाबाद को भी इस दृष्टिकोण के बारे में सोचना होगा।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,'हमने शपथ ग्रहण समारोह वाले दिन ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। अगर हमें पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते नहीं सुधारने होते तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को निमंत्रण नहीं भेजते।'
अमरनाथ गुफा में शिवलिंग के दर्शन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि,'यह पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने के लिए भारत की ओर से एक ईमानदार प्रयास था। '
मैं दिल की गहराई से कहना चाहता हूँ कि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है। हम पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ ना केवल अच्छे बल्कि मित्रतापूर्ण संवंध चाहता हूं।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। उसी तर्ज पर कहना चाहूंगा कि हम पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध चाहते हैं।'
राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य होने के बाद ही अफ्स्पा पर कोई फैसला होगा। वहीं राजनाथ सिंह ने हुर्रियत से बातचीत की किसी भी आकलन को खारिज किया है। गृहमंत्री ने कहा कि हुर्रियत से बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं है।