पीडीपी के लिए अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई गले की फांस बनती जा रही है। पीडीपी की अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर कहा कि मसरत को रिहा कर हमने कुछ गलत नहीं किया है।
साथ ही महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बिना किसी आधार के हम मसरत आलम को जेल में नहीं रख सकते थे। महबूबा मुफ्ती इंडिया टुडे के कॉन्क्लेव में बोल रही थी। मसर्रत को लेकर मुफ्ती सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है।
जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के बाद से भाजपा और पीडीपी में चल रहा अंर्तकलह पर पर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुझे नरेंद्र मोदी जी पर पूरा विश्वास है और भाजपा बदल रही है। सरकार में दोनों पार्टियों में कुछ मुद्दों पर अलग राय है लेकिन हम साथ मिलकर जम्मू कश्मीर के विकास पर काम कर रहे है। आने वाले समय में कश्मीर घाटी में जल्द मैक डोनाल्ड देखने को मिला जाएगें।
आगे महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर के नाम पर हत्या करने वालों के साथ हम नहीं हैं। इस बात के जरिए महबूबा रहीं ना कहीं सेना द्वारा कश्मीर में किए जा रहे फर्जी एनकाउंटर पर सेना पर निशाना साधा। पार्टी काफी समय से कश्मीर घाटी में से सेना को हटाए जाने की मांग करती रही है।
वहीं कश्मीरी पंडितों के मसले पर बोलते हुए महबूबबा मुप्ती ने कहा कि कश्मीरों पंडितों का मुद्दा अब भी हमारें एजेंडे मे है। हम उनके लिए वापसी और पर्नवास पर काम कर रहे हैं।