कार्यक्रम में मौजूद गृहमंत्री और अन्य
- फोटो : Amar Ujala
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत उदार रहा है और हमने हर बार दरियादिली दिखाई, लेकिन पाकिस्तान ने ओछी हरकतें नहीं छोड़ी।
शहीदी दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान के एसआईटी को जांच के लिए भारत आने की इजाजत दी गई, लेकिन पाकिस्तान की बारी आई तो वह मुकर गया। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सार्क सम्मेलन में शिरकत करने पाकिस्तान गए तो उनके खिलाफ प्रायोजित प्रदर्शन कराए गए।
एयरपोर्ट से एक किलोमीटर के रास्ते में चार से छह प्रदर्शन हुए। पाकिस्तान चाहता तो उसे रोका जा सकता था। उन्होंने उस सम्मेलन में पाकिस्तान की जमीन से उसकी छाती पर चढ़कर उसकी आतंकवादी नीति की आलोचना की।
पाकिस्तान की नीयत में खोट: राजनाथ
कार्यक्रम में मौजूद गृहमंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : Amar Ujala
पाकिस्तान, नेपाल, भूटान समेत सभी पड़ोसी देशों का भारत विकास चाहता है। हमने आचरण से इसे प्रमाणित किया है। कलेजा निकालकर इसे नहीं दिखा सकते, लेकिन पाकिस्तान आतंकवादियों के जरिये कायराना हमले करता रहा। राजनाथ ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को हवा देता रहा है।
हम कितनी बार दिल का दरवाजा खोलें? पाकिस्तान की नीयत में खोट रही है। इस दौरान सांसद जुगल किशोर शर्मा, पशुपालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली, हज एवं औकाफ मंत्री सईद फारूक अहमद अंद्राबी, विधायक एवं भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा, विधायक राजीव जसरोटिया आदि मौजूद रहे।
स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं
राजनाथ सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
राजनाथ ने कहा कि कश्मीर में केंद्र को कश्मीरी बच्चों की चिंता है। जब हालात बिगड़े तो बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई। केंद्र ने बच्चों के हित के लिए कदम उठाए। राजनाथ ने कहा कि स्वाभिमानी लोग बलिदान देते हैं। कायरों की ऐसी फितरत नहीं होती।
सीमा पर कोई आंख दिखाने की कोशिश करे तो पूरा भारत एकजुट हो जाता है। हम विदेशी ताकतों का मुकाबला करने में सक्षम हैं। कोई ताकत भारत के स्वाभिमान को झुका नहीं सकती।
शहीदों के सम्मान में धड़कता है देश का दिल
गृहमंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
गृह मंत्री ने कहा कि शहीदों के परिवारों के सम्मान के लिए देश समर्पित है। शहीदों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। सेना, पैरा मिलिट्री फोर्स और पुलिस के जिन जवानों ने आतंकवाद से लड़ते हुए और देश की सीमा की सुरक्षा के लिए कुर्बानी दी है, वह राष्ट्रीय गौरव है।
देश का दिल उन शहीदों के सम्मान में धड़कता है। उन्होंने जान देकर देश के भविष्य को सुरक्षित किया।