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करो अपना इंतजाम, दो दिन नहीं मिलेगा पानी

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पीएचई मुलाजिमों की मंगलवार दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रहने से पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। नलों के कंठ सूख चुके हैं। बूंद-बूंद के लिए जद्दोजहद की जा रही है। पुराने शहर सहित आसपास के इलाकों में दूसरे दिन भी सप्लाई ठप रहने से लोगों के घरों में पानी का कोटा खत्म हो चुका है।
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पीने के पानी के लिए बाजार में बंद बोतलों की मांग बढ़ी है। अगले 72 घंटे हड़ताल खींचने से हालात और बदतर हो जाएंगे। शहरवासियों के लिए यह दुर्भाग्य ही है कि इंद्रदेव तो प्रसन्न हैं मगर नलों में पानी नहीं पहुंच रहा है।

शहर की बात करें तो रोजाना 46 मिलियन गैलन पानी की मांग है, जिसमें 42 मिलियन गैलन पानी की सप्लाई ही हो पा रही है। पिछले दो दिन की हड़ताल के चलते शहर में 84 मिलियन गैलन पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है।
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दो दिन में 84 मिलियन गैलन पानी की सप्लाई ठप

शहर और आसपास के इलाकों में शितली, बोरिया, धोंथली फिल्ट्रेशन प्लांट से सप्लाई की जाती है। इसके अलावा ओवरहेड टैंक से भी कई जगह सप्लाई हो रही है।

हड़ताल के चलते मोटरें ठप रहने से पानी लिफ्ट नहीं हो पाया है, जिससे आगे सप्लाई पूरी तरह से ठप पड़ी है। अस्पतालों में भी पानी का संकट गहराने लगा है। टैंकों में रिजर्व रखा पानी खत्म हो रहा है।

मंगलवार को एसएमजीएस अस्पताल में पानी के दो टैंकर मंगवाए गए। शहर में गिने-चुने हैंडपंप होने से भी दिक्कतें बढ़ी हैं। इन पंपों पर पानी के लिए कतारें लग रही हैं। शहर के अधिकांश घरों में अंडर ग्राउंड और अन्य पानी की टंकियां खाली हो चुकी हैं
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दूसरी एसोसिएशनों ने भी दिया समर्थन

पानी की किल्लत से सर्विस स्टेशनों का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। यहां अंडर ग्राउंड पानी लगभग खत्म हो चुका है। सरकार लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था देने में पूरी तरह से विफल रही है।

दूसरी ओर सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और रावी तवी विभाग ड्राइवर, क्लीनर यूनियन जम्मू ने पीएचई कर्मियों की हड़ताल को जायज ठहराते हुए पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है।

यहां मंगलवार को यूनियन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान स. भरपूर सिंह और महासचिव रोमेश कुमार ने कहा कि सरकार ने कर्मियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया है। लिहाजा उनके पास कामकाज ठप करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मियों की मांगों में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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