पुलवामा जिले के राजपोरा इलाके में हुई मुठभेड़ में मारा गया एक आतंकी ऐसा था, जिसने महज 12 दिन पूर्व ही यह रास्ता अपनाया था।
घटना के दौरान ही मौके पर पहुंचे उसके पिता ने उसे हथियार डालने के लिए कहा, लेकिन उसके आतंकी कमांडर अल्ताफ ने ऐसा करने की इजाजत नहीं दी और सुबह गोलियों से छलनी शव घटनास्थल से मिला, जिसे देख कर उसके पिता फूट-फूट कर रो पड़े।
दरअसल बडगाम जिले के पथरपोरा इलाके का रहने वाला शौकत अहमद डार (22) कब मौत के रास्ते पर निकल पड़ा, उसके पिता को पता ही नहीं चला।