जम्मू संभाग के सभी दस जिलों में मंगलवार को पेयजल संकट और गहरा गया जब पीएचई को कर्मचारियों ने हड़ताल को और 72 घंटों के लिए बढ़ा दिया।
विभाग के करीब तीस हजार मुलाजिमों की काम छोड़ हड़ताल के पहले दिन ही लोग बूंद-बूंद के लिए तरस गए थे। राजभवन, मुख्यमंत्री निवास और जम्मू विश्वविद्यालय तक में आंशिक रूप से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति ही हो पाई।
पीएचई विभाग के टैंकर ड्राइवरों के हड़ताल को समर्थन की वजह से हालात और खराब रहे। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के जम्मू दौरे की वजह से विभाग के आला अधिकारियों के कार्यक्रम में व्यस्त रहने की वजह से हड़ताली मुलाजिमों से वार्ता भी शुरू नहीं हो सकी थी।