रियासत में शुक्रवार से बड़े पर्दे पर फिल्म देखना महंगा हो गया। दस साल बाद माल और मल्टीप्लेक्स सिनेमा हालों पर पचास फीसदी इंटरटेनमेंट ड्यूटी लागू की गई। इससे दर्शकों की जेब पर प्रति व्यक्ति प्रति शो पर पचास फीसदी भार बढ़ गया। यानी एक टिकट की कुल कीमत पर पचास फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
यह ड्यूटी जेएंडके इंटरटेनमेंट ड्यूटी एक्ट 1959 और एसआरओ 121-2002, तिथि 27 मार्च 2002 के तहत लगाई जा रही है। शुक्रवार को कई मल्टीप्लेक्स में इस आदेश को लागू कर दिया गया। हालांकि ड्यूटी टैक्स वापस लेने को लेकर सिनेमा हाल प्रशासन एकजुट हुए हैं।
पिछले साल अप्रैल माह में नए वित्त वर्ष के साथ सिनेमा हालों में पहले शो से इंटरटेनमेंट ड्यूटी शुरू की गई थी। तब राज्यपाल शासन के दौरान कुछ दिन यह व्यवस्था चलने के बाद तीन माह की राहत दे दी गई। इसके बाद एक जुलाई को दोबारा इंटरटेनमेंट ड्यूटी को लागू कर दिया गया। सिनेमाहाल प्रशासन की ओर से ड्यूटी को लेकर गणित पर काम किया जा रहा है।
इसमें कोशिश की जा रही है कि सिनेमा हाल प्रशासन अपनी टिकट के दाम कुछ कम करके इंटरटेनमेंट ड्यूटी लगाएं, जिससे दर्शकों पर एकदम ज्यादा बोझ न बढ़े और वे भी सिनेमा थियेटरों से जुड़े रहें।
उप आबकारी आयुक्त (एग्जीक्यूटिव) जम्मू की ओर से सिनेमा हाल प्रशासनों को पिछले वीरवार को नोटिस देकर एक जुलाई से इंटरटेनमेंट ड्यूटी अदा करने को कहा गया है। केसी सिनेप्लेक्स के मैनेजर शशिपाल सिंह जंवाल के अनुसार शुक्रवार नए शो के साथ इंटरटेनमेंट ड्यूटी बढ़ोतरी को लागू करके टिकट पर पचास फीसदी की वृद्धि की गई।
लेकिन, अचानक पचास फीसदी की बढ़ोतरी से दर्शकों की संख्या पर असर पड़ेगा। खासकर आतंकग्रस्त राज्य में युवाओं के मनोरंजन के लिए सिनेप्लेक्स के अलावा दूसरा बड़ा साधन नहीं है। युवा नशे की दल दल में फंस रहे हैं। ऐसे में सिनेमाघरों से दूर रहकर वे ज्यादा भटकेंगे।
पहले से ही सिनेमा हालों के नगर निगम, बिजली, पानी सहित अन्य खर्चों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में इंटरटेनमेंट ड्यूटी देने से दर्शकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। इससे सिनेमा थियेटर का कल्चर प्रभावित होगा।
सूत्रों के अनुसार सिनेमाहाल प्रशासन नए इंटरटेनमेंट ड्यूटी के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। शहर में कई थियेटर मल्टीप्लेक्स और माल में चल रहे हैं। लेकिन कई पुराने थियेटर नए निर्माण कार्यों के चलते सालों से बंद चल रहे हैं।