पुलवामा आतंकी हमला (फाइल फोटो)
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने वर्चुअल सिम का इस्तेमाल किया था। आतंकी पाकिस्तान और कश्मीर स्थित हैंडलरों से उसी सिम के जरिये संपर्क में था। अधिकारियों ने बताया कि वर्चुअल सिम सेवा प्रदाता कंपनी की जानकारी जुटाने के लिए भारत अब अमेरिका से सहायता मांगेगा।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकी हमले के घटनास्थल की जांच और त्राल में मुठभेड़ स्थल के अलावा ऐसे अन्य ठिकानों पर कड़ियों को जोड़ने से पता चला है कि आत्मघाती हमलावर आदिल डार सीमा पार से अपने आकाओं के लगातार संपर्क में था। पुलवामा में घातक हमले का मास्टरमाइंड मुदासिर खान त्राल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी को आदिल डार ने विस्फोटक भरा वाहन सीआरपीएफ के काफिले में टकरा दिया था। उस घटना में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। बाद में भारतीय वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में बालाकोट स्थित जैश आतंकियों के ठिकाने को ध्वस्त कर दिया था।
क्या है वर्चुअल सिम
सीमा पार के आतंकियों ने आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए ‘वर्चुअल सिम’ इस्तेमाल करने का बिलकुल नायाब तरीका निकाला था, जिसमें अमेरिका स्थित सेवा प्रदाता कंपनी से यह सिम खरीदा गया था। इस तकनीक में कंप्यूटर द्वारा मोबाइल नंबर जेनरेट किया जाता है और यूजर को सेवा प्रदाता का एप अपने स्मार्ट फोन पर डाउनलोड करना होता है। इस नंबर को सोशल साइट फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर आदि से जोड़ कर इस्तेमाल किया जा सकता है।