जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में शुक्रवार को बवाल हुआ। जगह-जगह प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया।
स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। पेलेट गन का इस्तेमाल करने के साथ ही हवाई फायरिंग भी की गई। हिंसक झड़पों में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर के मायसूमा इलाके में युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका तो सुरक्षा बलों से उनकी भिड़ंत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए। काफी देर तक भिड़ंत जारी रही। इलाके में तनाव के चलते सभी दुकानें बंद हो गई।
अलगाववादियों पर कसा गया शिकंजा
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- फोटो : File Photo
श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा में भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कुछ युवाओं ने मुठभेड़ में स्थानीय नागरिकों की मौत के विरोध में चुनाव बहिष्कार करने के लिए नारेबाजी की। इसके अलावा बारामुला जिले के सोपोर, दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां जिलों के कई इलाकों में भी हिंसक प्रदर्शन हुए। युवकों द्वारा सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया।
बडगाम जिले के चाडूरा में मुठभेड़ के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों की ओर से जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए श्रीनगर समेत घाटी के लगभग सभी संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
जगह-जगह अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। हालातों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अलगाववादियों पर भी शिकंजा कसा गया था। प्रशासन द्वारा हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद आली शाह गिलानी, हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को घर पर नजरबंद रखा गया था। जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक पहले से ही 14 दिन की रिमांड पर सेंट्रल जेल श्रीनगर में बंद है।