घाटी में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सोपोर, बडगाम, बांदीपोरा सहित कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए।
काफी देर तक झड़पें चलने से अफरातफरी की स्थिति रही। इस बीच दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ के दौरान वीरवार को दो नागरिकों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों के आह्वान पर घाटी में बंद रहा। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बारामुला-बनिहाल ट्रेन सेवा भी ठप रही। सड़कों पर यातायात पर गंभीर असर पड़ा। श्रीनगर के पुराने शहर के अलावा घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। अतिरिक्त नफरी की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
जामिया मस्जिद में नमाज पर लगी रोक, सभी दुकानें बंद
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- फोटो : File Photo
जुमा की नमाज के बाद बारामुला जिले के सोपोर, पलहालन, पुलवामा, शोपियां, बांदीपोरा जिलों के कुछ इलाकों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने देशविरोधी नारेबाजी करते हुए सुरक्षाबलों पर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए।
इस बीच श्रीनगर के नवाकदल में प्रदर्शन के दौरान रबर बुलेट लगने से शाजिया हसन (23) के घायल होने की अफवाह भी फैली। एसएसपी श्रीनगर इम्तियाज इस्माइल परे ने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए कहा कि लोगों की ओर से माहौल को खराब करने के लिए अफवाह फैलाई गई।
हालातों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मोलवी उमर फारूक, शब्बीर शाह के अलावा अन्य कई नेताओं को नजरबंद रखा गया था। श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा स्थित जामिया मस्जिद में जुमा की नमाज नहीं पढ़ने दी गई। अलगाववादियों के बंद के आह्वान पर स्कूल, कॉलेज, दुकानें और कारोबारी संस्थान बंद रहे। सड़कों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट गायब रहा।