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J&K: श्रीनगर उपचुनाव में हिंसा के बाद अनंतनाग सीट के मतदान पर असर होने की आशंका

Mon, 10 Apr 2017 07:32 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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घाटी में पथराव करते युवक - फोटो : File Photo
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श्रीनगर उपचुनाव के दौरान हिंसा और उपद्रव का अनंतनाग सीट पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। श्रीनगर संसदीय सीट के लिए हुए मतदान के दौरान हिंसा और पत्थरबाजी के बाद चुनाव आयोग ने 12 अप्रैल को अनंतनाग में होने वाले मतदान के लिए कमर कस ली है। सुरक्षा बलों को तैनात किया जाने लगा है।
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अलगाववादियों के बंद और हड़ताल के आयोजन ने स्थिति को अधिक गंभीर बना दिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु का कहना है कि कश्मीर छोटी रियासत है, इसलिए अनंतनाग सीट पर श्रीनगर हिंसा के असर से इनकार नहीं किया जा सकता। अनंतनाग सीट से मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सगे भाई मुफ्ती तसद्दुक किस्मत आजमा रहे हैं।

इस सीट पर तसद्दुक का मुकाबला नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी गुलाम अहमद मीर से है। मीर रियासत कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। इस सीट से छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इस संसदीय सीट के 16 विधानसभा क्षेत्रों में त्राल भी एक है। यह आतंकी बुरहान वानी का इलाका है। त्राल में ही मुठभेड़ में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में चार महीने तक हिंसा का दौर जारी रहा था। 
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कश्मीर घाटी में भारी उपद्रव की साजिश

उपद्रवियों को खदेड़ते सुरक्षाबल के जवान - फोटो : फाइल फोटो
श्रीनगर उपचुनाव में खलल डालने की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में आधा दर्जन उपद्रवियों की मौत के बाद अलगाववादियों ने अनंतनाग में चुनाव बहिष्कार के लिए ताकत झोंक दी है। यह क्षेत्र पीडीपी का मजबूत किला रहा है लेकिन पिछले साल की हिंसा के बाद पीडीपी की पकड़ ढीली हुई है।

कुलगाम, पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग आतंकी हिंसा और उपद्रव के मद्देनजर अधिक संवेदनशील रहे हैं। हाल के दिनों में इस क्षेत्र से 119 शिक्षित युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती हुई है। लिहाजा चुनाव के दौरान गड़बड़ी की आशंका बनी हुई है। 

उपचुनाव में हिंसा फैलाने के लिए अलगाववादियों और उपद्रवियों के गठजोड़ ने पृष्ठभूमि तैयार की है। सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उपचुनाव से ऐन पहले हवाला के जरिए उपद्रवियों की फंडिग हुई। पत्थरबाजों को दोगुनी दिहाड़ी तय कर हिंसा की साजिश बुनी गई।

यही कारण है कि श्रीनगर उपचुनाव में मतदान शुरू होते ही हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी और मतदान केंद्रों को निशाना बनाया जाना सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। अलगाववादियों द्वारा इस साजिश को अनंतनाग में भी दोहराए जाने की आशंका है।
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श्रीनगर सीट के कई मतदान केंद्रों पर फिर होगी वोटिंग

मतदान केंद्रों पर फिर होगी वोटिंग - फोटो : डेमो फोटो
मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु ने कहा है कि श्रीनगर सीट पर कई मतदान केंद्रों पर मतदान को बाधित किया गया है। इस सबंध में पीठासीन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार को पुनर्मतदान का निर्णय लिया जाएगा। पुनर्मतदान 16 अप्रैल से पहले कभी भी कराया जा सकता है। 
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