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आतंकी अफजल गुरू की बरसी पर कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा, सुरक्षाबलों पर पथराव

Thu, 09 Feb 2017 08:42 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला/श्रीनगर
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kashmir - फोटो : PTI
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संसद पर हमले में दोषी अफजल गुरु की चौथी बरसी पर वीरवार को घाटी बंद रही। इस दौरान सोपोर और श्रीनगर के कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद हिंसक झड़पें हुईं। स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
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सोपोर, श्रीनगर के डाउनटाउन सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां रहीं। बारामुला-बनिहाल के बीच रेल सेवा भी स्थगित रही। बरसी पर अलगाववादियों की ओर से बंद के आह्वान से घाटी में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दुकानें, कारोबारी इदारे बंद रहे। सड़कों से सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट भी गायब रहा।

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर, श्रीनगर के डाउनटाउन और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। किसी प्रकार की हिंसा न भड़के इसके लिए अर्धसैनिक बलों और जम्मू कश्मीर पुलिस की अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की गई थी।
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2013 में अफजल गुरू को दी गई थी फांसी

2013 में अफजल गुरू को दी गई थी फांसी - फोटो : Demo Photo
इस बीच सोपोर (जहां का अफजल गुरु था) के कुछ इलाकों, श्रीनगर के सोवरा और कुछ अन्य इलाकों में प्रदर्शन किए गए। सोपोर के जागीर घाट स्थित अफजल के घर पर शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें अलगाववादी नेता भी पहुंचे। इस दौरान अफजल की अस्थियों को वापस लाने की मांग की गई।  

ज्ञात हो कि वर्ष 2001 में संसद भवन पर हुए हमले में अफजल गुरु को दोषी पाया गया था। 9 फरवरी 2013 को उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी के बाद दफन किया गया था। तब से लेकर उसके परिवार वाले और अलगाववादी नेता उसकी अस्थियों को लौटाने की मांग कर रहे हैं।
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