घाटी में जुमा की नमाज के बाद कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। हिंसक झड़पों में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के पुराने शहर में शुक्रवार को कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रहीं।
जामिया मस्जिद में लगातार चौथे सप्ताह भी जुमा की नमाज नहीं पढ़ने दी गई। प्रशासन ने मस्जिद के सभी दरवाजों पर ताला लगा दिया था। साथ ही मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों को सील कर दिया था। अलगाववादी नेताओं को नजरबंद रखा गया था।
अनंतनाग जिले के रेशी बाजार, चीनी चौक और शेरबाग इलाकों में जुमा की नमाज के बाद हिंसक भिड़ंत शुरू हुई। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।
अलगाववादियों को रखा गया नजरबंद
अलगाववादी नेता गिलानी व अन्य
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पुलवामा जिले के चटपोरा इलाके में भी हिंसक भिड़ंत देखने को मिली। सभी प्रमुख अलगाववादी नेताओं को नजरबंद रखा गया था। हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी और हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को घर पर नजरबंद रखा गया था, जबकि जेकेएलएफ चीफ यासीन मलिक को श्रीनगर सेंट्रल जेल में रखा गया था।
श्रीनगर के जिला उपायुक्त फारूक अहमद लोन ने बताया कि हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज, खानयार, सफा कदल, क्रालखुद और मायसूमा में पाबंदियां लगाई गई थीं। इसके अलावा घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी, ताकि किसी प्रकार की हिंसा से निपटा जा सके। पाबंदियों के चलते इन इलाकों में कारोबार और यातायात प्रभावित रहा।