पुराने शहर में जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क उठी। सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया गया। इस बीच पुलिस ने चार पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है। नौहट्टा स्थित एतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कुछ युवा मस्जिद परिसर के बाहर एकत्रित हुए और आजादी के हक में नारेबाजी शुरू कर दी। युवाओं ने इस्लामिक झंडे भी लहराए। वहां मौजूद सुरक्षा बल के जवानों पर पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। काफी देर तक झड़प चलने के चलते आस-पास के इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने रहे।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने एक रणनीति के तहत अपने दो जवान को सादे कपड़ों में प्रदर्शनकारियों के बीच रखे थे, जिन्होंने चार वांटेड पत्थरबाजों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवा रिंग लीडर की भूमिका निभाते थे। लोगों ने बताया कि पुलिस के एक जवान के पास पिस्तौल थी जिसने इन दोनों पत्थरबाजों को दबोचा। इसके बाद अन्य जवान भी मौके पर पहुंच गए।
जेकेएलएफ ने निकाला मार्च
जेकेएलएफ के समर्थकों ने जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर के मायसूमा इलाके में मार्च निकाला। यह मार्च उन्होंने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में मारे गए लोगों और राज्य से बाहर की विभिन्न जेलों में बंद कश्मीरी कैदियों की दुर्दशा के विरोध में निकाला।