सीमावर्ती इलाके में चर्चा करते ग्रामीण
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अंतरराष्ट्रीय सीमा के गांवों में जगह-जगह चौपाल लग रही है। ना किसी के मन में खौफ है और ना दहशत। बस यहां मोदी और भारतीय सेना की बहादुरी के चर्चे हो रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कही जा रही है।
अब्दुल्लियां और घराना में समूह के रूप में ग्रामीण जुटे थे। वे मौजूदा स्थिति पर चर्चा कर रहे थे। सबसे अधिक गुस्सा पाकिस्तान की करतूत को लेकर था। लोगों का कहना था कि पहले इस प्रकार के चौपाल नहीं लगा करते थे।
पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की आशंका से लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। लोग अपने घरों में ही हैं। उन्हें पाक गोलाबारी की बहुत अधिक फिक्र नहीं है।
आरएस पुरा में बाना सिंह स्टेडियम में जोड़ा फार्म की महिलाएं वीरवार की रात को पहुंचीं। अलग-अलग ग्रुप में इनमें चर्चाएं होती रहीं। इनमें से कतीजा बेबी, रोशनी बीबी, खुशिदा, परवीन अख्तर आदि का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें रात में ही यहां पहुंचा दिया। वे तो जल्द से जल्द हालात सामान्य होने का इंतजार कर रही हैं।