एक सप्ताह में प्रतिदिन औसतन तीन से चार घंटे की अतिरिक्त कटौती दर्ज की
लोग बोले- तय समय पर बिजली बिल भरने के बावजूद अनियमित कटौती से दैनिक कार्य प्रभावित
अरनिया। सीमावर्ती अरनिया क्षेत्र में शेड्यूल के अलावा लगातार बिजली कटौती की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते एक सप्ताह में प्रतिदिन औसतन 3 से 4 घंटे की अतिरिक्त कटौती दर्ज की गई है, जो रजिस्टर में दर्ज नहीं की जा रही।
ग्रामीणों ने बताया कि तय समय पर बिजली बिल भरने के बावजूद अनियमित कटौती से उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बावजूद बिजली ढांचा खस्ताहाल है। किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, क्योंकि नहरों में पानी नहीं होने के कारण वे मोटर पंप से सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन बिजली कटौती के कारण फसलों की सिंचाई संभव नहीं हो पा रही।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों की परीक्षा शुरू हो गई है, लेकिन रात और तड़के बिजली कटौती से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। सुबह के समय कटौती होने से गृहणियों और नौकरीपेशा लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
बिजली विभाग मनमानी कर रहा है। ग्रामीणों को मनमानी बिजली कटौती से परेशान कर रहा है। सुबह और रात के कट लोगों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित कर रहे हैं। इस मुद्दे पर बिजली विभाग को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
लवली सिंह, निवासी गांव आल्हा
बिजली ढांचे में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है। लिलयाना ग्रिड स्टेशन में ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद बिजली की स्थिति और ज्यादा बदतर हो गई है। बिजली विभाग शेड्यूल कट के अलावा धड़ल्ले से बिजली कटौती कर रहा है।
दर्शन कुंडल, निवासी गांव ब्यासपुर
बिजली की अघोषित कटौती से फसल की सिंचाई बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रही है। नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। लिहाजा सिंचाई का सारा दारोमदार मोटर पंप पर निर्भर है। इसलिए बिजली सप्लाई को सुचारू रखना चाहिए।
राजवंत सिंह, निवासी गांव पिंडी कुदवाल
बिजली विभाग ग्रामीणों की सुध बिल्कुल नहीं ले रहा है। प्रशासन के बिजली सुधार के दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। बिजली व्यवस्था में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है।
रामपाल, निवासी गांव चक शेरा
मरम्मत कार्यों के लिए बिजली की कटौती की जा रही है। कटौती के लिए सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से मंजूरी ली जाती है। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अघोषित कटौती पर उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।
रिशपाल, जेई सब ट्रांसमिशन डिवीजन बिश्नाह