अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बिक्रम चौक में दो हाई मास्ट लाइटें छह माह से खराब हैं, जिन्हें ठीक करने में कोई विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहा है। राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को रात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरा ज्यादा होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। शहर के मुख्य चौकों में शामिल बिक्रम चौक इन दिनों बिजली कारपोरेशन और नगर निगम की अनदेखी का शिकार बना है, क्योंकि दोनों विभाग जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। हाई मास्ट लाइटें चालू करने के लिए कोई तैयार नहीं है।
निगम अधिकारियों का कहना है-लाइटें बिजली कारपोरेशन की हैं, इसलिए रखरखाव भी वह करेगा। वहीं, बिजली कारपोरेशन के अधिकारियों का कहना है - नगर निगम ही लाइटों को चालू करवाएगा। दोनों विभागों की खींचतान के कारण लाइट के बजाय लापरवाही रोशन हो रही है। यह परेशानी अक्टूबर से जारी है। बिजली कारपोरेशन ने ही लाइटों पर 16 लाख रुपये खर्च किए हैं। अधिकारियों के अनुसार लाइटें निगम के हवाले कर दी गई थी।
शरारती तत्वों पर नजर रखने में भी आ रही है दिक्कत
लाइटें लगाने का उद्देश्य था कि सड़कों और फ्लाईओवर पर रोशनी रहे, किसी प्रकार की दुर्घटना और वारदात न हो पाए। साथ ही रात में लोगों को सुविधा मिलती रहे। मगर हाईमास्ट लाइटें सिर्फ शोपीस बन गईं। विभागीय अनदेखी के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं, तवी पुल पर पुलिस नाका भी है। फ्लाईओवर में किसी प्रकार की हलचल समेत अन्य गतिविधियों पर नजर रखने में समस्या पेश आ रही है। इसके अलावा डिग्याना पार्क में हाईमास्ट लाइट खराब है, जिससे शाम के समय बच्चे खेल नहीं पा रहे। अब स्ट्रीट लाइटों के सहारे पार्क है।
लाइटें बिजली कारपोरेशन ने लगवाई है। ठीक भी वह ही करेगा। इस बारे में जानकारी दी जाएगी।
- अरुण कुमार, एक्सईएन, नगर निगम
लाइटें का रखरखाव नगर निगम कर रहा है। बिजली कारपोरेशन का कोई लेना-देना नहीं है।
- राजेश शर्मा, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन