देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद जम्मू-कश्मीर में सतर्कता बढ़ाई गई है। प्रदेश में फिलहाल कहीं से बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन वेटलैंड और उनके आसपास के क्षेत्रों में पूरे एहतियात बरता जा रहा है। आरएस पुरा स्थित घराना वेटलैंड से सटे क्षेत्र में लोगों को अधिक सावधानी बरतने को कहा गया है। क्षेत्रवासियों को कहा गया है कि वेटलैंड क्षेत्र में जाने पर पूरे प्रोटोकाल का पालन करें।
इसके साथ किसी पक्षी में कोई संदिग्ध गतिविधि या किसी के मरने की पुष्टि होने पर उसकी तुरंत विभाग को जानकारी दी। वन्यजीव और पशु पालन विभाग की ओर से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पक्षियों के नमूने लिए जा रहे हैं। मांडा जू सहित अन्य क्षेत्रों से गुरुवार को पक्षियों के नमूने लिए गए। इसके लिए पशुपालन विभाग ने वन्यजीव कर्मियों को नमूने लेने के लिए प्रशिक्षित किया है। वेटलैंड क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा गया है।
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जम्मू-कश्मीर के विभिन्न वेटलैंड क्षेत्रों में हर साल हजारों प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। मुख्य वन्यजीव संरक्षक सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पक्षियों के नमूने लिए जा रहे हैं, लेकिन अभी कहीं से कोई संदिग्ध मामला मिलने की सूचना नहीं है। फील्ड स्टाफ को निरंतर पक्षियों की निगरानी के लिए लगाया गया है। वेटलैंड के आसपास रहने वाले लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश वेटलैंड क्षेत्रों में प्रवासी पक्षी दिसंबर के मध्य तक पहुंच जाते हैं। ये समूह में आते हैं और समय के मुताबिक वापस चले जाते हैं। वहीं, पशुपालन विभाग के निदेशक विवेक शर्मा ने उपनिदेशक पोल्ट्री डॉ. डीडी डोगरा और शोध व उत्पादन लेबोरेटरी (डीडीआरएंडपी) के डॉक्टरों की टीम के साथ घराना वेटलैंड क्षेत्र का निरीक्षण किया है। टीम ने कई पक्षियों के सैंपल लिए हैं। निरीक्षण में कहीं से कोई पक्षी की मौत का मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है।