अवैध नियुक्तियां करने के मामले में बागवानी विभाग के उप सचिव को गिरफ्तार कर लिया गया है। कमांड एरिया रूरल डेवलेपमेंट एजेंसी में प्रोजेक्ट आफिसर रहते हुए अनिल जॉन ने अवैध नियुक्तियां कीं। विजिलेंस ने आठ वर्ष की जांच के बाद वीरवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जमादार के पद के लिए आरएस पुरा गोंदला के चरणजीत सिंह, ओर्डरली के पद के लिए सुरनकोट के सरदार सिकंदर हियात खान, चौकीदार के पद के लिए माहौर के मोहम्मद इकबाल की नियुक्तियों को मंजूरी दी। तब रहे एजेंसी के चेयरमैन मंजूर अहमद शाह ने अनिल जॉन की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए इन लोगों को नियुक्त कर दिया। अनिल जॉन ने चरणजीत सिंह को चालक के पद पर तैनात कर दिया। बिना किसी अनुमति के यह आदेश किया गया।जबकि चरणजीत सिंह को जमादार के पद पर तैनात करना था।
जांच में यह भी पाया गया कि अधिकारियों ने इन पदों की नियुक्तियों के लिए दिया गया विज्ञापन एक ऐसे समाचार पत्र में प्रकाशित कराया, जिसको बहुत कम लोग पढ़ते हैं। खाली पदों को भर्ती बोर्ड के पास भी रेफर नहीं किया गया। जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग ने सीधी किसी भी भर्ती पर रोक लगा रखी है।
यही नहीं, सांबा में डीआरडीए के प्रोजेक्ट अधिकारी रहते हुए अनिल जॉन ने बाड़ी ब्राह्मणा की सोनिका भगत को जूनियर सहायक के पद पर अवैध रूप से रखने की सिफारिश की। सोनिका की नियुक्ति को भी भर्ती बोर्ड के पास नहीं भेजा गया। जांच करने के बाद अब विजिलेंस ने वीरवार को अनिल जॉन को गिरफ्तार कर लिया। वह इस समय बागवानी में उप सचिव के पद पर तैनात है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।