भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस आर्गनाइजेशन ने रियासी डिग्री कालेज की प्रिंसिपल हेमला अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। जम्मू के कामर्स कालेज में 2014 में प्रिंसिपल रहते हुए हेमला पर भ्रष्टाचार के आरोप में यह कार्रवाई हुई है। 16 अगस्त 2014 को विजिलेंस ने केस दर्ज किया था। जांच में विजिलेंस ने पाया कि उन्होंने कालेज के लिए खरीदारी में भ्रष्टाचार किया।
विजिलेंस ने कालेज के तत्कालीन सीनियर सहायक जगदीश कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। जांच में पाया गया कि हेमला ने आपराधिक कार्य करते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर कालेज के लिए आई मैक सिस्टम खरीदा। अपने निजी इस्तेमाल के लिए यह सामान खरीदा गया।
इसके लिए चार लाख से अधिक की राशि खर्च हुई। लेकिन जांच में पाया गया कि इसके लिए सारे फर्जी बिल पेश किए गए। विजिलेंस ने इस सिस्टम से जुड़े तमाम साफ्टवेयर जब्त कर लिए। इन्हें जांच के लिए केंद्रीय फोरेंसिक लैब में भेजा गया। विजिलेंस ने इस मामले की अधिक जांच के लिए उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया है।
2 अन्य अधिकारियों की भी गिरफ्तारी
2 अन्य अधिकारियों की भी गिरफ्तारी
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उधर, विजिलेंस कश्मीर ने जम्मू में रहने वाले एक एईई (सहायक कार्यकारी अभियंता) और एक कश्मीर के रहने वाले जेई को भी गिरफ्तार किया है। दोनों पीएचई विभाग में हैं। मामला 2014 का है। सब डिवीजन जैनाकोट श्रीनगर के तत्कालीन एईई राकेश कुमार निवासी पांपोश कालोनी जानीपुर और तत्कालीन जेई सज्जाद हुसैन निवासी श्रीनगर को विजिलेंस ने कस्टडी में लिया है।
29 सितंबर 2013 को विजिलेंस ने केस दर्ज किया था। जांच में पाया गया कि उक्त सब डिवीजन में 1798 मीटर एमएस पाइप दादु प्राइवेट लिमिटेड गाजियाबाद से खरीदीं गईं जबकि दर्शाई गई पाइप कम पाई गई। इससे विभाग को करीब 34,39,141 लाख रुपये का नुकसान हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर केस
विजिलेंस ने ही अन्य मामले में कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। उधमपुर में रहे एसई डीडी गोरखा, पीएस सहगल रियासी उधमपुर सर्कल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर वीके शर्मा और लाभ लेने वाले अशोक कुमार और हरमिंदर सिंह आरोपियों में शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए ऊंची बोली पर पुल बनाने का काम दिया। आरोप है कि 177 लाख का काम बिना टेंडर के दिया गया।